Sirsa News: एक साल से अधर में लटके वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण कार्य हुआ शुरू

करीब 5 लाख रुपए का प्रोजेक्ट, चारों ओर पोल-पाइप खड़े किए

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Volleyball Ground Construction started: ओढ़ां, (सच कहूँ/राजू)। गांव पन्नीवाला मोटा के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब 5 लाख रुपए की लागत से बनने वाला वॉलीबॉल ग्राउंड पिछले करीब एक साल से अधर में है। ग्राउंड के चारों ओर लोहे के पोल और पाइप लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बीच में खड़े 3-4 पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं मिलने से शेष निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा। अब लोहे के पाइप भी खुले में पड़े रहने से जंग की चपेट में आने लगे हैं। विद्यालय को यह वॉलीबॉल ग्राउंड वर्ष 2024-25 में स्वीकृत हुआ था। ग्राउंड के लिए जगह तय करने के दौरान पहले ट्रैक वाली जगह पर निर्माण की योजना थी, लेकिन बाद में कमरों के पीछे दीवार के साथ खाली जगह को चुना गया। इस जगह पर पहले से पेड़ मौजूद थे। विद्यालय प्रशासन ने राशि लैप्स होने के डर से वन विभाग से पेड़ हटाने की अनुमति मिलने से पहले ही निर्माण शुरू करवा दिया।  

पेड़ों को घेरकर खड़े कर दिए पोल, अब आगे नहीं बढ़ रहा काम

निर्माण के दौरान पेड़ों को बीच में रखते हुए उनके चारों ओर लोहे के बड़े पोल और पाइप लगा दिए गए। ग्राउंड का आधे से अधिक काम होने के बाद अंदर का कार्य पेड़ों के कारण रुक गया। विद्यालय प्रशासन ने वन विभाग से पेड़ हटाने की अनुमति के लिए पत्राचार किया, लेकिन अनुमति नहीं मिली।

विद्यालय के प्राचार्य मंजीत कुमार ने बताया कि ग्राउंड की जगह बदलने के बाद दीवार के साथ खाली स्थान पर निर्माण शुरू किया गया था। पेड़ पहले से मौजूद थे। राशि लैप्स होने की आशंका के चलते निर्माण शुरू करवा दिया गया था। वन विभाग से अनुमति के लिए पत्राचार किया गया है, लेकिन विभाग ने न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए फिलहाल अनुमति देने में असमर्थता जताई है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया है। अनुमति मिलने के बाद ही काम पूरा हो सकेगा।

ग्रामीण बोले, जल्द पूरा हो निर्माण

ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में वॉलीबॉल ग्राउंड बनने से विद्यार्थियों और युवाओं को खेल सुविधा मिलेगी। इसलिए विभाग को इस मामले में समाधान निकालकर निर्माण जल्द पूरा करवाना चाहिए। ग्राम सरपंच मंजूबाला बैनीवाल ने कहा कि ग्राउंड विद्यालय को स्वीकृत हुआ था और निर्माण भी विद्यालय प्रशासन की ओर से करवाया जा रहा है।

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