परिजनों ने पूरी की बालमुकुंद नरूला इन्सां की अंतिम इच्छा! रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली को किया देहदान
बालमुकुंद नरूला इन्सां अमर रहे के जयघोषों के साथ साध-संगत ने दी अंतिम विदाई
सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। डेरा सच्चा सौदा के अनथक सेवादार 77 वर्षीय बालमुकुंद नरूला इन्सां (सुचान वाले) मंगलवार अल सुबह अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके निधन के उपरांत परिजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए उनकी अंतिम इच्छा को सम्मान देते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत देहदान किया। उनका पार्थिव शरीर उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज को दान किया गया। Sirsa News
देहदान के अवसर पर सच्चे नम्र सेवादार अमरजीत इन्सां सहित शाह सतनाम जी नगर, सरसा व कल्याण नगर की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार, साध-संगत, परिजन व रिश्तेदार उपस्थित रहे और सचखंडवासी को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पूर्व शाह सतनाम जी नगर के पार्क में उपस्थित साध-संगत द्वारा अरदास का शब्द बोला गया। इसके पश्चात पार्थिव देह को फूलों से सुसज्जित एंबुलेंस में रखकर पार्क से शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा तक अंतिम यात्रा निकाली गई।
बेटियों ने दिया अर्थी को कंधा | Sirsa News
अंतिम यात्रा के दौरान शरीरदानी बालमुकुंद नरूला इन्सां अमर रहे, अमर रहे और जब तक सूरज-चांद रहेगा, शरीरदानी बालमुकुंद नरूला इन्सां तेरा नाम रहेगा जैसे जयघोषों के साथ साध-संगत व परिजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। डेरे के मुख्य द्वार से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। अंतिम विदाई के समय डेरा सच्चा सौदा की बेटी-बेटा एक समान शिक्षा की सुंदर मिसाल देखने को मिली।
सचखंडवासी की बेटियों नीलम इन्सां, शालू इन्सां, ममता इन्सां व प्रवीन इन्सां ने अर्थी को कंधा देकर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया। पूजनीय गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां तीनों पातशाहियों का सानिध्य प्राप्त किया था और परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से गुरु मंत्र की अनमोल दात ली थी। सचखंड वासी बालमुकुंद नरूला इन्सां ने ग्रंथों में भी अपनी सेवाएं दी है। Sirsa News
बालमुकुंद इन्सां संसार से विदा होकर भी बन गए प्रेरणा: दीपक बंसल इन्सां
शहर के वार्ड नंबर 12 के पार्षद दीपक बंसल इन्सां ने बालमुकुंद नरूला इन्सां के परिवार की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह परिवार डेरा सच्चा सौदा की सेवा परंपरा का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सचखंडवासी बालमुकुंद नरूला इन्सां ने देहदान कर यह सिद्ध कर दिया कि वे संसार से विदा होकर भी समाज के लिए प्रेरणा बन गए हैं। यह कार्य पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अमर सेवा मुहिम की सच्ची भावना को दर्शाता है और समाज को मानवता की राह पर चलने का संदेश देता है।