अवैध रूप से खैर के पेड़ों को काटकर चोरी करने वाले आरोपी मौके से फरार, दो मोटरसाइकिल व अवैध खैर की लकड़ी बरामद
वन अपराध पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: वन्य जीव विभाग, कलेसर द्वारा वन अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। दिनांक 30 जुलाई 2026 को साय 7 बजे विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि चिक्कन वन क्षेत्र के शाहजादवाला पी.एफ. में 4–5 व्यक्ति मोटरसाइकिलों पर सवार होकर अवैध रूप से खैर के पेड़ों की कटाई करने पहुंचे हुए हैं।
सूचना के आधार पर वन दरोगा श्री अनुज कुमार, वन्य जीव रक्षक श्री संजीव कुमार एवं वन्य जीव रक्षक श्री प्रदीप कुमार की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। वन्य जीव विभाग की टीम को देखकर आरोपी घनी घास एवं अंधेरे का लाभ उठाकर अपनी दो मोटरसाइकिलें छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए।
मौके से विभागीय टीम ने दो लावारिस मोटरसाइकिलें, खैर के 4 ताजा कटे हुए ठूंठ (मुंडियां) तथा खैर की लकड़ी के 12 पीस बरामद किए। बरामद लकड़ी का कुल आयतन लगभग 0.635 घन मीटर पाया गया। दोनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लिया गया तथा बरामद लकड़ी के संबंध में वन अपराध रिपोर्ट (FOR No. 042/2026, दिनांक 30-07-2026) दर्ज की गई।
जांच के दौरान फरार आरोपियों की पहचान ताज मोहमद उर्फ ताजू पुत्र नूरहशन, फुरकान उर्फ़ काला पुत्र मोबदीन, आबिद पुत्र मीरहशन, सुकरदीन उर्फ शुकरू पुत्र बानी तथा आबिद पुत्र सिनना, निवासी कासली के रूप में हुई है।
वन्य जीव निरीक्षक श्री राजबीर द्वारा इस संबंध में थाना प्रतापनगर में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वन्य जीव विभाग एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से प्रयास किए जा रहे हैं।
वन्य जीव निरीक्षक श्री लीलू राम ने कहा कि वन संपदा राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है और इसकी अवैध कटाई एवं तस्करी किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं की जाएगी। वन अपराधों में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग ऐसे अपराधों पर लगातार निगरानी रखे हुए है तथा भविष्य में भी विशेष अभियान चलाकर वन माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी वन अपराध अथवा वन्य जीव अपराध की सूचना मिले तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके और वन संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
