शिक्षा और रोजगार
पटियाला : स्वच्छता भारत मुहिम की निकली हवा, बेअंत कॉम्पलैक्स में लगे गन्दगी के ढ़ेर
अखबारों सहित अनेकों दफ़्तर होने के बावजूद नहीं ले रहा निगम कोई सार | Dirt
पटियाला(खुशवीर सिंह तूर)। मुख्यमंत्री के शहर में एक तरफ स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नगर निगम की ओर से बड़े स्तर पर शहर में सफाई और सुंदरता के दावे किए जा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ शहर के दिल कहे जाते छोटी बारांदरी में बना बेअंत कॉम्पलैक्स लावारिसों जैसी जिंदगी व्यतीत कर रहा है। आलम यह है कि यहां रोजमर्रा की सैंकड़ों की संख्या में आने वाले लोगों और विद्यार्थियों का यह (Dirt) गन्दगी के ढेर और सीवरेज का पानी स्वागत करता है।
जानकारी अनुसार पटियाला की मशहूर छोटी बरांदरी में स्व: मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के नाम पर बना बेअंत सिंह कॉम्प्लैक्स कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बेरुखी का शिकार होकर रह गया है। इस कॉम्प्लैक्स में अलग -अलग अखबारों के दफ़्तरों के अलावा, आधी दर्जन से अधिक आईलैट्स सैंटर, पनसप का मुख्य दफ़्तर, बैंकों सहित अनेकों दफ़्तर हैं। यहां सबसे अधिक गन्दगी रविवार को लगने वाली संडे सेल दौरान ही फैलती है और सोमवार को यहां गन्दगी ही गन्दगी फैली होती है।
आने जाने वालों को करना पड़ रहा बड़ी मुश्किलों का सामना | Dirt
पहले अकाली सरकार और अब खुद अमरिन्दर सरकार यहां लगने वाली संडे सैल सहित कार बाजार का बदल नहीं ढूंढ सकी है। वैसे चाहे यहां से इन दोनों बिल्डिंगों को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करने की कई बार बात हो चुकी है, परंतु इस पर कोई अमल नहीं हो रहा। यहां आम दिनों में भी तीन मंजिली बिल्डिंग सहित इसकी सीढ़ियों पर गन्दगी के ढेर लगे ही रहते हैं। यहां तक कि यह बिल्डिंग कुत्तों का ठिकाना बन चुकी है और आने जाने वालों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बिल्डिंग की लिफ़्ट भी कई सालों से बंद | Dirt
- इस बिल्डिंग की लिफ़्ट भी कई सालों से बंद है।
- बुजुर्गों को इस बिल्डिंग में सीढ़ियों के द्वारा ही अलग -अलग दफ़्तरों में पहुंचना पड़ता है।
- यहां नगर निगम की ओर से सफाई का कोई प्रबंध नहीं है।
- आज यहां आने वाले एक बुजुर्ग ने कहा कि इस बिल्डिंग में तो शर्म आती है ।
- सीढ़ियां ही कूड़े के साथ भरी पड़ीं हैं।
- यहां सफाई न होना मरहूम बेअंत सिंह के नाम को भी बदनाम किया जा रहा है।
यहां साथ ही चौंक में मरहूम बेअंत सिंह की प्रतिमा बनी हुई है और इस प्रतिमा के आसपास सड़क का बुरा हाल है। थोड़े सी बारिश के साथ ही पानी भर जाता है। यहां इसके साथ ही इम्परूवमैंट ट्रस्ट का दफ़्तर है। इसके बावजूद निगम की तरफ से यहां सफाई व्यवस्था के लिए कोई प्रबंध नहीं किये जाते। यहां आने वाले लोगों का कहना है कि यदि मुख्य मंत्री के शहर में बेअंत कॉम्पलैक्स का यह हाल है तो यहां स्वच्छता अभियान वाली टीम को जरूर आना चाहिए।
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