”आप” का एक सांसद ”आउट ऑफ रेंज”, संसद मैंबर की बयानबाजी से पार्टी नाराज

Published On

लोकसभा में उठाए जा रहे पार्टी लाइन से बाहर के मुद्दे, पार्टी से संपर्क भी हुआ कम

चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के बाद आम आदमी पार्टी का एक लोकसभा सांसद इस समय पार्टी की गतिविधियों और तय लाइन से ”आउट ऑफ रेंज” चल रहा है। वह न तो पार्टी द्वारा तय रणनीति का हिस्सा बन रहा है और न ही लोकसभा में उठाए जा रहे मुद्दे पार्टी के अनुरूप हैं। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी भी अपने इस लोकसभा सांसद से काफी नाराज बताई जा रही है और पिछले कुछ महीनों से पार्टी और सांसद के बीच कोई खास संपर्क भी नहीं बन पा रहा है। Punjab News

अब लोकसभा में उठाए गए एक ताजा मामले के बाद दोनों के बीच नाराजगी और बढ़ सकती है, क्योंकि उस बयान को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार ने दूरी बना ली है। वहीं ”आउट ऑफ रेंज” चल रहे सांसद ने भी साफ कर दिया है कि वह जनता के मुद्दे उठा रहे हैं और अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे। जानकारी के अनुसार, पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 13 सीटों में से आम आदमी पार्टी को केवल तीन सीटें ही मिली थीं और पार्टी ने इन्हीं तीन सांसदों के साथ संतुष्टि जाहिर की थी। साल 2024 के इन चुनावों के बाद अब इन तीन लोकसभा सांसदों में से एक सांसद पार्टी के संपर्क से बाहर चल रहा है और पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच कोई खास बातचीत भी नहीं हो रही है।

पंजाब में बठिंडा में किसानों का मुद्दा हो या माइनिंग का मुद्दा, कई जगह कर चुके हैं विरोध | Punjab News

इस सांसद द्वारा लोकसभा में ऐसे मुद्दे उठाए गए हैं जो पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए असहज माने जा रहे हैं। जिन मुद्दों पर पार्टी लोकसभा में अपनी बात रखने की योजना बनाती है, वहाँ इस सांसद की बजाय दूसरे सांसदों को प्राथमिकता दी जा रही है। साल 2024 के इन चुनावों के बाद अब इन तीन लोकसभा सांसदों में से एक सांसद पार्टी के संपर्क से बाहर चल रहा है और पिछले कुछ महीनों से दोनों के बीच कोई खास बातचीत भी नहीं हो रही है।

”आउट ऑफ रेंज” चल रहे इस सांसद ने बठिंडा में किसानों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया था, साथ ही माइनिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। हालांकि इन मुद्दों पर न तो सरकार और न ही पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई, लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच मनमुटाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। इस मामले में आम आदमी पार्टी की नेतृत्व टीम और संबंधित सांसद दोनों ही खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं हैं, लेकिन अंदरखाने दोनों पक्षों की ओर से यह स्वीकार किया गया है कि उनके बीच संपर्क काफी कम हो गया है। Punjab News

About The Author

Related Posts