ट्यूबवैलों को सप्लाई के बाद बिजली की मांग में हुई बढोतरी

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पॉवरकॉम ने अपने रोपड़ और लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट किये शुरू

  • बिजली की मांग 11400 मेगावाट नजदीक पहुँची, 1900 मैगावट का विस्तार दर्ज

सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर पटियाला। पंजाब में धान की रोपाई के लिए पॉवरकॉम की ओर से आठ घंटे बिजली सप्लाई शुरू करने के बाद बिजली की मांग में सीधा 1900 मेगावाट तक का विस्तार हो गया है। मांग में विस्तार होने के साथ ही पॉवरकॉम ने अपने सरकारी क्षेत्र के रोपड़ और लहरा मोहब्बत थर्मल प्लाटों को शुरू कर दिया है। इधर आसमान से बरस रही आग के कारण भी बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ( Lehra Mohabbat Thermal Plant ) एकत्रित की जानकारी मुताबिक पॉवरकॉम की ओर से पंजाब के किसानों को 10 जून से बिजली सप्लाई ट्यूबवैलों के लिए शुरू की गई है। ट्यूबवैलों को बिजली सप्लाई देने के साथ ही बिजली की मांग 11400 मेगावाट के नजदीक पहुंच गई है।

बीते दिनों ही बिजली की मांग 9500 मेगावाट के करीब थी

इस तरह एक दिन अंदर ही 1900 मेगावाट तक बिजली की मांग बढ़ गई है, जो कि आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। बिजली की माँग बढ़ने के साथ ही पॉवरकॉम की ओर से काफी समय से बंद पड़े अपने सरकारी स्तर पर थर्मल लहरा मोहब्बत और रोपड़ भी शुरू कर दिए गए हैं। रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट जबकि लहरा मोहब्बत के तीन यूनिट शुरू किए गए हैं। इन दोनों थर्मलों से पॉवरकॉम को 900 मेगावाट से अधिक बिजली हासिल हो रही है। इसके अलावा प्राईवेट स्तर पर राजपुरा थर्मल प्लांट, तलवंडी साबों और गोइन्दवाल थर्मल प्लांट पूरी रेंज पर चल रहे हैं।

इन तीनों थर्मलों से 2800 मेगावाट से अधिक बिजली हासिल हो रही है

पॉवरकॉम को अपने हाईड्रल प्रोजेक्टों से 580 मेगावाट के करीब बिजली प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही पॉवरकॉम की ओर से 6500 मेगावाट से अधिक बिजली की खरीद भी की गई है। धान के लिए पहले दिन ही बिजली सप्लाई देने के बाद मांग में हुआ बड़ा विस्तार आने वाले दिनों में चोखे वृद्धि की तरफ संकेत दे रहा है। पॉवरकॉम आधिकारियों का दावा है कि धान और गर्मी को देखते 13000 मेगावाट से अधिक के प्रबंध किये हुए हैं। इधर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटों में विस्तार भी देखने को मिला है। वैसे पॉवरकॉम के सड्यूल में किसी प्रकार के कट घोषित नहीं किये गए हैं।

बिजली सप्लाई के बाद किसानों ने काम शुरू किया

बिजली सप्लाई जारी होने के बाद किसानों ने धान की फसल लगाने के लिए तेजी शुरू कर दी है। बहुत से किसानों की ओर से आज अपने खेतों में पानी छोड़ने के बाद धान के लिए खेत तैयार किये गए। इस बार प्रवासी बड़ी संख्या में पहुंचे हुए हैं। ग्रामीण लेबर सहित प्रवासी लेबर धान की फसल लगाने के लिए जुट गई है।

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