सिर्फ नशा ही नहीं, ‘कैंसर’ भी खा रहा ‘पंजाब’ को

श्री अमृतसर साहिब जिले में सबसे अधिक कैंसर मरीज

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बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। Bathinda News: पंजाब में पिछले कई दशकों से फैले कैंसर ने अनेक परिवारों के दो-दो सदस्यों तक की जान ले ली है। कैंसर का कहर इतना अधिक है कि अधिकांश लोग इसका नाम लेने की बजाय इसे ‘दूसरा’ कहने लगे हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत जिलावार कैंसर के जो ताजा आंकड़े सामने आए हैं, उनके अनुसार पंजाब का कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहाँ यह बीमारी बहुत कम हो। पूरे पंजाब में मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत पंजीकृत मरीजों की संख्या पिछले 9 वर्षों में 23,711 रही है। इनमें सबसे अधिक कैंसर मरीज जिला श्री अमृतसर साहिब में दर्ज किए गए हैं।

कैंसर का प्रभाव पहले सबसे अधिक मालवा क्षेत्र में माना जाता था, लेकिन अब पंजाब के लगभग सभी जिले इसकी चपेट में आ रहे हैं। बठिंडा के आरटीआई कार्यकर्ता संजीव गोयल ने स्वास्थ्य विभाग से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत पिछले 9 वर्षों के आंकड़े प्राप्त किए हैं। इनके अनुसार जिला श्री अमृतसर साहिब में सबसे अधिक कैंसर पीड़ित हैं। कुछ वर्ष पहले जब कैंसर मरीज इलाज के लिए बीकानेर जाया करते थे, तब बठिंडा से बीकानेर जाने वाली ट्रेन को ही ‘कैंसर ट्रेन’ कहा जाने लगा था, क्योंकि उसमें यात्रा करने वाले अधिकांश लोग कैंसर के इलाज के लिए ही जाते थे। कैंसर के महंगे इलाज ने लोगों को कर्जदार भी बनाया और कई परिवारों में भारी कर्ज होने के बावजूद मरीजों को बचाया नहीं जा सका।

हालांकि पंजाब सरकार कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता भी प्रदान करती है, लेकिन यह राशि पर्याप्त नहीं मानी जाती। पहले भूमिगत दूषित पेयजल और तंबाकू के सेवन को कैंसर के मुख्य कारणों में गिना जाता था, लेकिन अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खान-पान की वस्तुओं, विशेषकर तले हुए भोजन को भी कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल किया है।

9 वर्षों में 3 अरब रुपए से अधिक की सहायता

मुख्यमंत्री राहत कोष योजना के तहत कैंसर पीड़ितों को 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता मिलती है। यह राशि सीधे अस्पताल को भेजी जाती है। कैंसर के इलाज पर होने वाले खर्च की तुलना में यह सहायता बहुत कम है, लेकिन मरीजों और उनके परिवारों को कुछ राहत अवश्य मिलती है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 से लेकर 2026 तक अब तक कुल 3 अरब 5 करोड़ 32 लाख 2 हजार 56 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वर्ष 2019 में सबसे अधिक 1 अरब 7 करोड़ 30 लाख 21 हजार 190 रुपए की सहायता दी गई थी।

कैंसर से बचाव की शुरुआत घर से करें: डॉ. अनुज बंसल

पंजाब कैंसर केयर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, बठिंडा के प्रबंध निदेशक डॉ. अनुज कुमार बंसल का कहना है कि कैंसर से बचाव की शुरुआत अपने घर से ही करनी चाहिए। जंक फूड छोड़कर हरी सब्जियां और फल अधिक खाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि थोड़ी-सी जागरुकता से इस बीमारी से बचाव संभव है। कैंसर के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और उपचार के बारे में जागरुक होना बेहद आवश्यक है।

किस जिले में कितने कैंसर मरीज

जिला -                   मरीज
श्री अमृतसर साहिब - 3692
बठिंडा                  - 1314
गुरदासपुर             - 1832
होशियारपुर           - 1056
जालंधर                - 1704
लुधियाना              - 2184
पटियाला              - 1521
संगरुर                 - 1984
तरनतारन             - 1227
बरनाला                - 704
श्री फतेहगढ़ साहिब -343
फरीदकोट             -590
फिरोजपुर              -619
फाजिल्का             - 436
कपूरथला              - 601
मानसा                  -784
मोगा 846
श्री मुक्तसर साहिब -722
पठानकोट             -534
रुपनगर                -188
शहीद भगतसिंह नगर - 362
मलेरकोटला              - 138

वर्ष अनुसार संख्या

वर्ष         मरीजों की संख्या
2018      1736 
2019      7899
2020      3283
2021      3181
2022      2580
2023      2073
2024      1626
2025      1141
2026      192

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