किसान आंदोलन: बुजुर्ग महेन्द्र कौर व कर्म सिंह के जज्बे के सलाम

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टांग टूटने के बावजूद मोर्चे में बैठी महेन्द्र कौर, कहा- कानून रद्द करवाकर घर वापिस जाऊंगी

संगरूर/भवानीगढ़। भवानीगढ़ के जुझारू गांव आलोअर्ख की एक छोटे किसान परिवार के साथ संबंधित बीबी महेन्द्र कौर दिल्ली मोर्चे के दौरान सड़क हादसे में बुरी तरह जख्मी हो गई। उसकी टांग टूट गई और जख्म भी भयानक हैं, लेकिन इस किसान बीबी ने भयानक रूप में जख्मी होने के बावजूद दिल्ली मोर्चे में डटे रहने का ऐलान किया है, जबकि डॉक्टरों ने उसको इलाज के लिए अस्पताल या घर जाने के लिए कहा है। उसने कहा कि संघर्ष में डटी रहूंगा, पीछे नहीं हटने वाली। कर्म सिंह ने नहीं मानी हार

भारतीय किसान यूनियन डकौंदा ब्लाक भवानीगढ़ के प्रधान कर्म सिंह बलियाल भी अपने गांव और जबर झल्ल के किसान काफिले की अगुवाई करता रहा। वह जख्मी हो गया, लेकिन हार ना मानी। जख्मी हालात में भी दिल्ली मोर्चे में डटा हुआ है। मोदी सरकार की तानाशाही और खट्टर सरकार के अपराध पंजाब के किसानों को दिल्ली की ओर जाने से रोक नहीं सका। लाठीचार्ज, जल तोपों और आंसू गैस के गोलों का बहुत हिम्मत से सामना किया। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पास किए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ डटी हुई इस बीबी महिंदर कौर और भाकियू एकता डकौंदा के ब्लाक बवानीगढ़ के प्रधान कर्म सिंह बलियाल के जज्बे को पूरे इलाके द्वारा सलाम किया जा रहा है।

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