Batala Railway Station: बटाला रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा में गंभीर चूक
मानवाधिकार आयोग ने डीसी और इंजीनियर से मांगी रिपोर्ट
- अगली सुनवाई 15 दिसंबर को, पटरियों से गुजरने को मजबूर यात्री
बटाला (सच कहूँ न्यूज)। Batala Railway Station: पंजाब के बटाला रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां पैदल यात्री क्रॉसिंग के अभाव में हजारों यात्रियों को रेल पटरियों को पार कर ट्रेन पकड़नी पड़ रही है। इस खतरनाक स्थिति पर संज्ञान लेते हुए पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने वन स्टेप सोसाइटी के अध्यक्ष कमल कुमार की शिकायत पर उत्तरी रेलवे के सहायक डिवीजनल इंजीनियर (प्रथम) और गुरदासपुर के उपायुक्त से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर, 2025 को निर्धारित की है।
समाजसेवी कमल कुमार ने अपनी याचिका में बताया कि जब ट्रेन सेंट्रल ट्रैक पर रुकती है, तो यात्रियों को प्लेटफॉर्म से पटरियों पर छलांग लगाकर ट्रेन तक पहुंचना पड़ता है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह हजारों लोगों के जीने के अधिकार को प्रभावित करता है। विशेषकर ठंड के मौसम में, जब दृश्यता शून्य हो जाती है, यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
कमल कुमार ने आयोग को यह भी बताया कि उन्होंने पहले भी इस समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। दो जुलाई, 2024 को रेलवे अधिकारियों ने जवाब दिया था कि फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का प्रस्ताव डिवीजन को भेजा गया है। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। इसके विपरीत, 22 जुलाई, 2025 को रेलवे के एक पत्र में एफओबी को व्यवहारिक रूप से अनुपयुक्त बताया गया। इस विरोधाभासी स्थिति ने यात्रियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
रेल मंत्री को भेजा आग्रह | Batala News
वन स्टेप सोसाइटी ने रेलवे बोर्ड से अपील की है कि इस समस्या को केवल एक स्टेशन तक सीमित न समझा जाए, बल्कि इसे जीवन रक्षक बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जाए। संस्था ने एफओबी के तत्काल निर्माण की मांग की है और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से भी इस मामले पर विचार करने का आग्रह किया है।
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