सीएम भगवंत मान के जिला संगरूर की ‘कमान’ महिला अधिकारियों के हाथ में
डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी और सिविल सर्जन के पदों पर महिला अधिकारी नियुक्त
संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Sangrur News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अपने जिले संगरूर की कमान अब ‘महिलाओं’ के हाथ में आ गई है। हाल ही में हुई पुलिस और प्रशासनिक तबादलों के दौरान संगरूर जिले के दो महत्वपूर्ण पद, डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी महिला अधिकारियों को सौंपे गए हैं। डिप्टी कमिश्नर के रूप में पूनमदीप कौर को नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. रवजोत कौर को एसएसपी बनाया गया है। इससे पहले डा. अमरजीत कौर सिविल सर्जन संगरूर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए तबादलों में संगरूर के डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा की जगह पूनमदीप कौर को डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह फरीदकोट में भी डिप्टी कमिश्नर रह चुकी हैं। पूनमदीप कौर का संगरूर से पुराना संबंध है और कुछ समय पहले भी वे यहाँ डिप्टी कमिश्नर के रूप में सेवाएं निभा चुकी हैं। वह ईमानदार और मेहनती अधिकारी मानी जाती हैं। उन्होंने पर्यावरण क्षेत्र में काफी काम किया है, जिसमें किसानों को खेतों में आग न लगाने के लिए प्रेरित करना शामिल है। काफी समय बाद संगरूर में किसी महिला अधिकारी को डिप्टी कमिश्नर का महत्वपूर्ण पद दिया गया है। पूनमदीप कौर 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और पंजाब के विभिन्न जिलों में डिप्टी कमिश्नर रह चुकी हैं, जहाँ उन्होंने हर जगह अपनी सेवाएँ ईमानदारी और मेहनत से निभाई।
संगरूर की एकमात्र महिला विधायक नरेन्द्र कौर भराज हैं। वे संगरूर और बरनाला जिलों की एकमात्र महिला विधायक हैं। उल्लेखनीय है कि भराज संगरूर जिले की सबसे कम उम्र की विधायक भी हैं। उन्होंने 2022 में हलका संगरूर से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और 36 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
वहीं संगरूर जिले के दूसरे महत्वपूर्ण पद की बात करें तो डॉ. रवजोत कौर को जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) नियुक्त किया गया है। डॉ. रवजोत कौर 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। इनके पति नवनीत सिंह बैंस भी आईपीएस अधिकारी हैं। डॉ. रवजोत कौर पटियाला जिले से संबंधित है। वे संगरूर में एसएसपी सरताज सिंह चहल की जगह आई हैं। इससे पहले डॉ. रवजोत कौर तरनतारन और फतेहगढ़ साहिब जिलों में एसएसपी रह चुकी हैं। वे काफी कम उम्र की आईपीएस अधिकारी हैं। यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले वे दंत चिकित्सक (बीडीएस) रह चुकी हैं, इसलिए उनके नाम के आगे ‘डॉ.’ लिखा जाता है।
तीसरे महत्वपूर्ण पद की बात करें तो जिला संगरूर के सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर पहले से ही यहाँ तैनात हैं और स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं बखूबी निभा रही हैं।