बेबी हैप्पी मॉडर्न आयुर्वेदिक कॉलेज में सेवा और समर्पण की शिक्षा के साथ नए सत्र का शुभारंभ

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नवागंतुक छात्र-छात्राओं का किया स्वागत

हनुमानगढ़। बेबी हैप्पी मॉडर्न आयुर्वेदिक कॉलेज (Baby Happy Modern Ayurvedic College) में शुक्रवार को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नए छात्र-छात्राओं के अभिनंदन एवं स्वागत समारोह के साथ की गई। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज में संचालित बीएससी नर्सिंग व डीएएनपी जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की विशेष जानकारी के साथ हुई। इसमें छात्र-छात्राओं को इन कोर्सांे से मिलने वाले सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसरों के बारे में बताया गया। समारोह को संबोधित करते हुए डायरेक्टर तरुण विजय ने कहा कि आयुर्वेद और नर्सिंग दोनों ही सेवा, समर्पण और मानव कल्याण से जुड़े क्षेत्र हैं। आज स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आयुर्वेदिक कर्मियों की भारी मांग है, जिससे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के सुनहरे अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। Hanumangarh News

उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अनुशासन और मेहनत के साथ पढ़ाई कर समाज के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दें। चेयरमैन आशीष विजय ने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार व सरकारी सेवा के योग्य बनाना है। बीएससी नर्सिंग व डीएएनपी जैसे कोर्स आज के समय की मांग हैं, जिनसे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक करियर मिलता है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में आधुनिक लैब, अनुभवी फैकल्टी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वाइस चेयरमैन रोनक विजय ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है जहां कभी मंदी नहीं आती। नर्सिंग और आयुर्वेदिक कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के असीम अवसर हैं।

छात्र-छात्राओं से लक्ष्य तय कर मेहनत करने का संदेश

उन्होंने छात्र-छात्राओं से लक्ष्य तय कर मेहनत करने का संदेश दिया। एडमिनिस्ट्रेटर परमानंद सैनी ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए अनुशासित, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। कॉलेज प्रबंधन छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहयोग प्रदान करता है। आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विरेंद्र चौधरी ने कहा कि आयुर्वेद रोगों के उपचार के साथ-साथ रोग-निरोध पर भी बल देता है।

पंचकर्म, औषधीय पौधों और प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता आज आधुनिक चिकित्सा में भी स्वीकार की जा रही है। उन्होंने नए छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में नए छात्र-छात्राओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. विशाल पारीक, उपप्राचार्य डॉ. मनोज शर्मा, बीएड कॉलेज प्राचार्य डॉ. संतोष चौधरी, राजकुमार अरोड़ा, व्याख्याता भूमि रमानी, किरण कपिल, कपिल सैन, भागीरथ भाटी, संतोष बघेल, प्रदीप टाक, डॉ. अनिल सुथार, डॉ. कमलदीप सिंह, सन्नी भाटी, कपिल मोंगा, मनीष सैनी मौजूद थे। Hanumangarh News

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