आरजीएचएस व्यवस्था ठप होने से पेंशनरों में भारी आक्रोश, उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

आरजीएचएस में इलाज ठप होने पर फूटा पेंशनरों का गुस्सा

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टिब्बी (सच कहूँ/अकित वधवा)। Tibbi News: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम' (rghs) के तहत पिछले काफी समय से चिकित्सा सुविधाएं न मिलने के कारण बुजुर्ग पेंशनरों का गुस्सा फूट पड़ा है। राजस्थान पेंशनर समाज, उपशाखा टिब्बी के बैनर तले आज पेंशनरों ने उपखंड कार्यालय पर  राज्य सरकार के नाम उपखंड अधिकारी सत्यनारायण सुथार को एक तीखा ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पेंशनर समाज ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याओं को रखते हुए जल्द से जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

14 अप्रैल से दवा और इलाज दोनों बंद

पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से आरजीएचएस के तहत इलाज मिलने में दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन दिनांक 14 अप्रैल, 2026 से प्रदेश भर के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स ने पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके चलते गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग पेंशनरों को न तो अस्पतालों में निशुल्क इलाज मिल पा रहा है और न ही मेडिकल स्टोर्स से दवाइयाँ मिल रही हैं।

"उम्र के इस अंतिम पड़ाव में अधिकांश पेंशनर्स नियमित दवाओं के सहारे ही जीवित हैं। इलाज न मिलने से यदि किसी बुजुर्ग के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।"

— पेंशनर प्रतिनिधि

चेतावनी के बाद भी नहीं जागी सरकार

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राजस्थान पेंशनर समाज के प्रदेश नेतृत्व द्वारा 06 मई 2026 को ही मुख्य सचिव को इस संबंध में नोटिस दे दिया गया था। इसके बाद 13 मई 2026 को भी जिला स्तर पर आक्रोश प्रदर्शित कर ज्ञापन दिए गए थे। इसके बावजूद सरकार और आरजीएचएस के अधिकारियों ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, जिसके कारण आज वृद्ध पेंशनरों को इस भीषण गर्मी में तहसील और उपखंड स्तर पर चक्कर मारने  के लिए मजबूर होना पड़ा है।

पेंशनर समाज की प्रमुख माँगें:

पेंशनर समाज टिब्बी ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखी हैं:

बीमा मोड का विरोध: आरजीएचएस योजना को किसी भी सूरत में 'बीमा मोड' पर न डाला जाए।
मूल व्यवस्था यथावत रहे: पेंशनर्स के लिए ओपीडी (OPD) और आईपीडी (IPD) की वर्तमान व्यवस्था को बिना किसी छेड़छाड़ के यथावत जारी रखा जाए।

नकद भुगतान का रीइंबर्समेंट: 14 अप्रैल 2026 से लेकर व्यवस्था सुचारू होने तक, जिन भी पेंशनर्स ने मजबूरी में नकद भुगतान कर इलाज कराया या दवाइयाँ खरीदी हैं, उन्हें उस पूरी राशि का पुनर्भरण (Reimbursement) तुरंत किया जाए।

अस्पतालों का समयबद्ध भुगतान: अनुमोदित अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स का बकाया भुगतान समय पर किया जाए, ताकि वे भविष्य में इलाज रोकने जैसा कदम न उठाएं।

भवन निर्माण की भी उठी माँग

ज्ञापन सौंपने के दौरान पेंशनर समाज टिब्बी द्वारा उपखंड अधिकारी सत्यनारायण सुथार के सामने स्थानीय स्तर पर पेंशनर भवन के निर्माण की माँग भी प्रमुखता से उठाई गई। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को अपनी बैठकों और सामाजिक गतिविधियों के लिए एक निश्चित स्थान की अत्यंत आवश्यकता है, जिसके लिए सरकार को जल्द से जल्द बजट और भूमि आवंटित करनी चाहिए।

उपखंड अधिकारी सत्यनारायण सुथार ने बुजुर्गों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि इस ज्ञापन को तुरंत उच्चाधिकारियों और राज्य सरकार तक भेजकर सकारात्मक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर टिब्बी क्षेत्र के दर्जनों वरिष्ठ नागरिक और पेंशनर समाज के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

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