77 वर्षीय किसान की जमीन पर 20.54 लाख का फर्जी केसीसी ऋण!

किसान का आरोप-न ऋण लिया, न हस्ताक्षर किए, बैंक रिकॉर्ड में मिले फर्जी दस्तावेज और गवाह - बैंक के तत्कालीन प्रबंधक व कर्मचारियों पर केस

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हनुमानगढ़। 77 वर्षीय किसान की कृषि भूमि पर उसकी जानकारी और सहमति के बिना करीब 20.54 लाख रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण दर्ज किए जाने के आरोप में नोहर थाना पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित अन्य बैंक कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। Hanumangarh News

मामला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोहर की अदालत में पेश किए गए इस्तगासे के आधार पर दर्ज हुआ है। नेहरांवाली ढाणी तहसील रावतसर निवासी छोटूराम (77) पुत्र लखीराम ने परिवाद में आरोप लगाया कि वह अनपढ़ और कृषि कार्य करने वाला वरिष्ठ व्यक्ति है तथा अपनी कृषि भूमि से परिवार का जीवनयापन करता है। उसके नाम राजस्व रिकॉर्ड में कल्लासर क्षेत्र में कृषि भूमि दर्ज है।

परिवाद के अनुसार किसान अपनी कृषि भूमि में सुधार के लिए सरकार की केसीसी योजना के तहत कृषि ऋण लेने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसने अपनी जमीन की जमाबंदी निकलवाई तो पता चला कि उसकी कृषि भूमि पर आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, शाखा नोहर का रहन (बंधक) नोट दर्ज है। इसकी जानकारी मिलने पर वह बैंक की नोहर शाखा में पहुंचा और तत्कालीन शाखा प्रबंधक से जानकारी ली।

परिवादी का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने बताया कि उसकी जमीन पर 20 लाख 54 हजार रुपए का केसीसी ऋण चल रहा है। किसान ने कथित तौर पर बैंक अधिकारी से कहा कि वह पहली बार इस शाखा में आया है और उसने कोई ऋण नहीं लिया। किसान के ऋण लेने से इनकार करने पर शाखा प्रबंधक कथित तौर पर नाराज हो गया और कहा कि जमीन से रहन हटवाना है तो 20.54 लाख रुपए जमा कराने होंगे। इसके बाद किसान ने गांव के मौजिज लोगों को मामले की जानकारी दी। Hanumangarh News

पंचायत के लिए बैंक अधिकारियों को नेहरांवाली ढाणी बुलाया गया। पंचायत में बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर बताया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने इसी प्रकार के कई फ्रॉड किए हैं और किसान चाहे तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है। साथ ही बैंक अधिकारियों ने कथित रूप से बैंक से जारी रकम वापस जमा कराने की बात कही। पंचायत के दौरान बैंक अधिकारियों की ओर से कुछ हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज दिखाए जाने का भी परिवाद में उल्लेख है।

किसान का आरोप है कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उसके नहीं हैं। उसने बताया कि वह अनपढ़ है और हस्ताक्षर करने के बजाय अंगूठा लगाता है। इसके अलावा जमीन के रहननामे में दर्ज गवाहों को भी परिवाद में कथित तौर पर फर्जी बताया गया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोहर की अदालत से प्राप्त इस्तगासे पर नोहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक रविन्द्र मीणा को सौंपी है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, केसीसी ऋण से जुड़े दस्तावेज, कथित हस्ताक्षर, रहननामा, गवाहों तथा ऋण राशि के लेन-देन से संबंधित तथ्यों की जांच करेगी। Hanumangarh News

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