शिक्षा और रोजगार
प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी नहीं रुके कब्जाधारी, दोबारा शुरू किया निर्माण
मीरापुर क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर बढ़ते कब्जे, ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मीरापुर (सच कहूं/कोमल कुमार)। Mirapur News: क्षेत्र के ग्राम गढ़ी रसूलपुर में सरकारी बंजर एवं पट्टे की भूमि पर दोबारा अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और कार्रवाई के बावजूद वे लगातार सरकारी जमीन पर निर्माण का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम गढ़ी रसूलपुर के खसरा संख्या 62 पर कुछ दिन पूर्व प्रशासन ने अभियान चलाकर अवैध रूप से बनाई गई दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया था। कार्रवाई के दौरान कानूनगो संजीव शर्मा, हल्का लेखपाल ओमवीर सिंह, नायब तहसीलदार अजय राय सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। उस समय कब्जाधारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि भविष्य में दोबारा सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद संबंधित लोगों ने फिर से उसी भूमि पर निर्माण शुरू कर दिया। इस संबंध में बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत भी दी गई, लेकिन सूचना मिलने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि मीरापुर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के कई मामले सामने आ चुके हैं। ग्राम मुझेड़ा के खसरा संख्या 802 पर व ग्राम किथोड़ा मे भी पूर्व में पुलिस एवं प्रशासन ने कार्रवाई की थी, लेकिन बाद में वहां दोबारा बाउंड्री कर दी गई। इसी प्रकार अन्य स्थानों पर भी अवैध निर्माण हटाने के बाद पुनः कब्जे के प्रयास किए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। आरोप है कि कस्बा मीरापुर और गांव क्षेत्र में तालाबों की भूमि पर भी कब्जाधारियों ने अवैध कब्जे किए हुए है जिस कारण तालाब छोटे हो चुके है इसीलिए तालाब बिन बारिश के भी भरे रहते है। जैसे ही हल्की सी बारिश होती है तालाबों का पानी घरों में घुस जाता है। बार बार शिकायत के बाद भी प्रशासन अवैध कब्जा करने वालों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं करता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सरकारी बंजर एवं पट्टे की भूमि और तालाबों को कब्जामुक्त रखने के लिए लगातार निगरानी की जाए तथा दोबारा कब्जा करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
