शिक्षा और रोजगार
ट्रोनिका सिटी पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का किया खुलासा, चार गिरफ्तार
20 हजार के इनामी बदमाश समेत चार शातिर गिरफ्तार, पांच चोरी की एसयूवी और फर्जी नंबर प्लेट बरामद
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह )। Ghaziabad News: कमिश्नरेट गाजियाबाद की स्वाट टीम, अपराध शाखा और ट्रोनिका सिटी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में सक्रिय अंतरराज्यीय चार पहिया वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुलंदशहर से वाहन चोरी के मामले में वांछित 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश सहित गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसीपी लोनी, राव रामकिशन राणा ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य सिंह, रिंकू उर्फ सचिन उर्फ रंजीत, दिलीप उर्फ छोटू और माजिद उर्फ भूरा शामिल हैं। इन्हें ट्रोनिका सिटी क्षेत्र के आवास विकास आसरा-2, नवादा कट सपना चौराहा से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के कब्जे से पांच चोरी की चार पहिया गाड़ियां बरामद हुई हैं, जिनमें महिंद्रा स्कॉर्पियो, मारुति ब्रेजा, किआ सेल्टोस, ग्रैंड विटारा और मारुति स्विफ्ट शामिल हैं। इसके अलावा 12 फर्जी नंबर प्लेट, ईसीएम मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक टैब, कार लॉक सेट, प्रोग्रामिंग चिप और वाहन चोरी में प्रयुक्त अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के विकासपुरी, मालवीय नगर और ग्रेटर कैलाश क्षेत्रों से वाहन चोरी किए थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे गाड़ियों की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी प्लेट लगाते थे। गिरोह चोरी के वाहन बिहार के गोपालगंज निवासी शुभम उर्फ सौरभ और जयपुर निवासी अमित उर्फ बलवंत को उनकी मांग के अनुसार बेचता था।
दिल्ली एनसीआर समेत कई जनपदों में की वाहन चोरी
एसीपी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और बुलंदशहर में भी वाहन चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी की गाड़ियों की बिक्री से होने वाला मुनाफा आपस में बराबर बांटते थे। एसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में वाहन चोरी, फर्जीवाड़ा,
गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में अनेक मुकदमे दर्ज हैं। विशेष रूप से माजिद उर्फ भूरा बुलंदशहर पुलिस द्वारा घोषित 20 हजार रुपये का इनामी अपराधी था। कमिश्नरेट पुलिस ने गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और बरामद वाहनों के संबंध में संबंधित राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
