Fraud Alert: विदेश में पढ़ाई के नाम पर 14 लाख की कथित ठगी

साइप्रस भेजने का झांसा देकर फर्जी एडमिशन व टोफल दस्तावेज देने का आरोप

Published On

हनुमानगढ़। विदेश में उच्च शिक्षा के लिए साइप्रस (यूरोप) भेजने का झांसा देकर 14 लाख रुपए की कथित ठगी करने के मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोहर के आदेश पर खुइयां पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला परिवादी विजेन्द्र सिंह (25) पुत्र बेगराज निवासी भावलदेसर की ओर से दायर इस्तगासा पर दर्ज हुआ है। Hanumangarh News

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, न्यायालय से प्राप्त इस्तगासा में परिवादी ने आरोप लगाया कि हिसार जिले के गांव दड़ौली निवासी रोशनलाल डूडी, उसकी पत्नी सरोज तथा पुत्र रोहित स्वयं को विदेश में स्टडी वीजा दिलाने का कार्य करने वाला बताते थे। उन्होंने क्षेत्र के कई युवाओं को यूरोप भेजने का दावा करते हुए परिवादी और उसके साथी अजय सिंह निवासी भगवानसर को भी साइप्रस में उच्च शिक्षा दिलाने का भरोसा दिया।

परिवादी के अनुसार फरवरी 2023 में आरोपी उसके घर आए और बताया कि साइप्रस के कॉलेज में प्रवेश दिलाकर दोनों को विदेश भेज दिया जाएगा, जिस पर लगभग 14 लाख रुपए खर्च होंगे। आरोप है कि आरोपियों ने शिक्षा संबंधी दस्तावेज लेकर प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया। 24 मार्च 2023 को आरोपी रोहित ने वीडियो कॉल कर 60 हजार रुपए दस्तावेज तैयार कराने के लिए रखने को कहा। अगले दिन आरोपी रोशनलाल और सरोज परिवादी के घर पहुंचे, जहां उन्होंने 60 हजार रुपए नकद लिए तथा कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। Hanumangarh News

आरोपियों ने दस दिन बाद शेष राशि देने पर विदेश भेजने का आश्वासन दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि 2 अप्रैल 2023 को फोन कर बताया गया कि साइप्रस के लिमासोल कॉलेज में उसका और अजय सिंह का प्रवेश हो चुका है। 5 अप्रैल 2023 को कथित एडमिशन लेटर दिखाकर कुल 13.40 लाख रुपए लिए गए। साथ ही बताया गया कि कॉलेज की फीस 7250 यूरो जमा कर दी गई है और शीघ्र ही ऑफर लेटर जारी होने के बाद दोनों को विदेश भेज दिया जाएगा। 18 अप्रैल 2023 को आरोपियों ने कथित फीस जमा होने से संबंधित दस्तावेज भी दिए।

बाद में लगातार फोन पर यह कहकर समय टालते रहे कि यूरोप में बाढ़, फिर अन्य तकनीकी कारणों से प्रक्रिया में देरी हो रही है। परिवादी के अनुसार जुलाई 2024 में उसे कथित टोफल लेटर दिया गया, जबकि मार्च 2025 में अजय सिंह को भी इसी प्रकार का दस्तावेज सौंपा गया। आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से लगातार भरोसा दिलाया कि यूक्रेन युद्ध और विदेशी प्रतिबंध समाप्त होते ही दोनों को साइप्रस भेज दिया जाएगा। 25 दिसंबर 2025 को आरोपी फिर मिले और अप्रैल 2026 के शिक्षा सत्र में विदेश भेजने का आश्वासन दिया। Hanumangarh News

अप्रैल 2026 में भी जब विदेश नहीं भेजा गया तो परिवादी और उसके साथी को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से एडमिशन लेटर और टोफल लेटर की जांच कराई, जहां कथित रूप से दस्तावेज फर्जी और जाली पाए गए। परिवादी का आरोप है कि 31 मई 2026 को गांव भावलदेसर में पंचायत के दौरान आरोपियों से जवाब मांगा गया तो उन्होंने रुपए लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विश्वास में लेकर रुपये हड़पे हैं।

साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने धमकी दी कि न तो रुपए वापस करेंगे और न ही विदेश भेजेंगे तथा विरोध करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोहर के आदेश पर प्राप्त इस्तगासा के आधार पर खुइयां पुलिस थाना ने मामला दर्ज कर लिया। जांच एएसआई ग्यारसीलाल मीना को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है तथा प्रस्तुत दस्तावेजों, वीडियो फुटेज, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Hanumangarh News

About The Author

Related Posts