Physiotherapy: ”फिजियोथैरेपी जैसी चिकित्सा पद्धति से प्राकृतिक रूप से दर्द का उपचार संभव”

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डॉ. राम सिहाग ने इटली से किया फेशियल डिस्ट्रोर्शन मैन्युअल थैरेपी में डिप्लोमा

Physiotherapy: हनुमानगढ़। जिले के जाने-माने न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. राम सिहाग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इटली से फेशियल डिस्ट्रोर्शन मैन्युअल थैरेपी में डिप्लोमा प्राप्त किया है। यह प्रशिक्षण उन्होंने इटली की अकादेमिया मैन्युअल थैरेपी के निदेशक एवं इटली मैन्युअल थैरेपी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. क्रिश्चियन विलेला के सुपरविजन में सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मौके पर उन्हें सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इटली में आयोजित समारोह के दौरान डॉ. क्रिश्चियन विलेला ने स्वयं डॉ. राम सिहाग को यह डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदान किया। Hanumangarh News

समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने उनके साथ फोटो भी साझा किए और अनुभव बांटे। यह उपलब्धि न केवल डॉ. सिहाग के लिए, बल्कि पूरे हनुमानगढ़ और राजस्थान के लिए गौरव की बात है। उनकी इस अंतरराष्ट्रीय सफलता से क्षेत्र में आधुनिक फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में एक नई प्रेरणा और जागरूकता का संचार हुआ है। यह प्रशिक्षण ऑस्टियोप्रो और अकादेमिया मैन्युअल थैरेपी के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस कोर्स में विश्व के विभिन्न देशों से फिजियोथैरेपिस्ट और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान फेशियल थैरेपी की नवीनतम तकनीकों, बॉडी टिश्यू रिस्टोरेशन और बिना दवाओं या सर्जरी के दर्द निवारण के व्यावहारिक तरीकों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया।

हनुमानगढ़ लौटने के बाद डॉ. सिहाग ने कहा कि हमारा देश अभी भी दर्द या स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दवाइयों पर अत्यधिक निर्भर है, जबकि फिजियोथैरेपी जैसी चिकित्सा पद्धति से प्राकृतिक रूप से दर्द का उपचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि फेशियल डिस्ट्रोर्शन मैन्युअल थैरेपी शरीर के मांसपेशीय तंत्र और फेशियल स्ट्रक्चर में मौजूद सूक्ष्म असंतुलनों को ठीक करने की एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिससे स्लिप डिस्क, स्पॉन्डिलाइटिस, जॉइंट पेन, स्पोर्ट्स इंजरी, सिरदर्द और नर्व पेन जैसी कई समस्याओं का समाधान बिना सर्जरी के किया जा सकता है।

हजारों मरीजों को मिला लाभ | Hanumangarh News

डॉ. राम सिहाग अब तक हजारों मरीजों का सफल इलाज बिना सर्जरी के कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत में अभी भी फिजियोथैरेपी के महत्व के प्रति जागरूकता की कमी है। इसलिए उनका उद्देश्य अब आम जनता तक इस नई तकनीक और आधुनिक फिजियोथेरेपी पद्धतियों की जानकारी पहुंचाना है, ताकि लोगों को दर्द रहित और स्वस्थ जीवन मिल सके। डॉ. सिहाग ने कहा कि उनका लक्ष्य भारत में न्यूरो फिजियोथैरेपी को विश्व स्तर पर पहुंचाना है, ताकि हर मरीज को बिना दर्द और बिना दवाइयों के राहत मिल सके। यह तकनीक शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता को सक्रिय करती है, जो आज की जीवनशैली में अत्यंत आवश्यक है। Hanumangarh News

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