Punjab
राजस्थान इन समर से ऑफ-सीजन टूरिज्म को नया आधार
विज़िट माई स्टेट और हॉलिडे इन राजस्थान अभियान के साथ होगा प्रचार
जयपुर (सच कहूँ/गुरजंट सिंह धालीवाल)। Jaipur News: राजस्थान पर्यटन विभाग गर्मियों के मौसम में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए “राजस्थान इन समर”अभियान को बड़े स्तर पर शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। अभियान के तहत राज्य की पारंपरिक पर्यटन छवि से अलग शांत, सांस्कृतिक और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग के अनुसार अभियान को “विज़िट माई स्टेट”और “हॉलिडे इन राजस्थान”पहल के साथ जोड़ा गया है, ताकि घरेलू पर्यटकों को गर्मियों में भी राजस्थान आने के लिए आकर्षित किया जा सके। पर्यटन विभाग का मानना है कि भीड़भाड़ वाले सीजन की तुलना में गर्मियों में पर्यटक राजस्थान को अधिक नजदीक से महसूस कर सकते हैं।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्थान को “ईयर राउंड टूरिज्म डेस्टिनेशन”के रूप में स्थापित करना है। अभियान के लिए विभिन्न शहरों की अलग-अलग थीम तैयार की गई हैं। जैसे की उदयपुर झीलों को सवेरे और शाम के अनुभवों के साथ प्रचारित किया जाएगा, जबकि बूंदी को उसकी ऐतिहासिक गलियों और बावड़ियों के जरिए “हिडन हेरिटेज”डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्रकार जयपुर औऱ जोधपुर में महलों, शाम के सांस्कृतिक अनुभवों और हेरिटेज स्टे को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। पश्चिमी राजस्थान में थार के रेगिस्तान व बाड़मेर को “सोलो ट्रैवल”और रेगिस्तानी अनुभवों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वन्यजीव पर्यटन को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। रणथम्भौर नेशनल पार्क में गर्मियों के दौरान वन्यजीवों की अधिक गतिविधियों को विशेष रूप से प्रचारित किया जाएगा, ताकि ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहे।
गौरतलब है की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी पहले ही अधिकारियों को पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने, कम प्रसिद्ध व अज्ञात स्थानों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के निर्देश दे चुकी हैं। दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार इस अभियान के साथ होटल उद्योग, हेरिटेज प्रॉपर्टी संचालकों, ट्रेवल एजेंसियों और स्थानीय कलाकारों को भी जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऑफ-सीजन पर्यटन बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे पर्यटन कारोबार को भी लाभ मिले। राठौड़ ने कहा कि इस अभियान के जरिए राजस्थान की पहचान केवल “विंटर टूरिज्म तक सीमित नहीं रहेगी।