Rajasthan News: राजस्थान के निवेश प्रोत्साहन प्रयासों पर लगी राष्ट्रीय मुहर
नीति आयोग के निवेश अनुकूलता सूचकांक में राजस्थान का शानदार प्रदर्शन
जयपुर। निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता मिली है। नीति आयोग द्वारा जारी निवेश अनुकूलता सूचकांक में राज्य को 'अग्रणी राज्य' की श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। समग्र मूल्यांकन में राजस्थान देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा, जबकि बड़े राज्यों की श्रेणी में नियामकीय सुधार, निवेश प्रोत्साहन और संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। Rajasthan News
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने और प्रशासनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर निवेश के लिए उभरते हुए प्रमुख गंतव्य के रूप में पहचान मिल रही है।
सरकार ने निवेशकों को एक ही मंच पर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज निवेश पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाया है। वर्तमान में इस पोर्टल पर अनेक विभागों की बड़ी संख्या में सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और समयबद्ध हुई है। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन निस्तारण की गति में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
राज्य सरकार ने बिजली कनेक्शन, पर्यटन परियोजनाओं की मंजूरी तथा अन्य औद्योगिक स्वीकृतियों की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी लाकर निवेशकों को राहत प्रदान की है। इससे उद्योगों की स्थापना में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं कम हुई हैं और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक आसान बनी है। Rajasthan News
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान ने औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के लिए नई नीतियां लागू की हैं। इनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), निर्यात प्रोत्साहन, वस्त्र उद्योग, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, रक्षा उत्पादन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कई क्षेत्रों के लिए राज्य में पहली बार अलग नीति लागू की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश अनुकूलता सूचकांक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें केवल सरकारी आंकड़ों का ही नहीं, बल्कि निवेशकों के अनुभवों और सुझावों का भी समावेश किया गया है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राजस्थान में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है और राज्य उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद एवं पारदर्शी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने भी राज्य में निवेश का सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें अनेक परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। राज्य सरकार इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनके शीघ्र क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रही है।
नीति आयोग द्वारा तैयार निवेश अनुकूलता सूचकांक का उद्देश्य राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को गति देना है। राजस्थान का बेहतर प्रदर्शन इस दिशा में राज्य की मजबूत नीतियों और प्रशासनिक सुधारों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। Rajasthan News