Snake: कौतूहल का विषय बना गोगा मंदिर में निकला ‘नागराज’

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झाड़खेड़ी के प्राचीन गोगा म्हाड़ी में पूर्व में भी निकलते रहे है ‘विषधर’

  • रसायन शास्त्री के अनुसार, तापमान में वृद्धि के चलते जमीन से बाहर निकल आते है भूमिगत प्राणी  | Kairana News

कैराना (सच कहूँ न्यूज)। Kairana News: गांव झाड़खेड़ी की प्राचीन गोगा म्हाड़ी में निकला काले रंग का एक कोबरा सांप ग्रामीणों के लिए कौतूहल पैदा कर रहा है। ग्रामीण कोबरा सांप के दिखाई देने की घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे है। वहीं, रसायन शास्त्री इसे महज प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा होने की बात कह रहे है। Kairana News

कोतवाली क्षेत्र के गांव झाड़खेड़ी में एक प्राचीन गोगा म्हाड़ी स्थित है। शुक्रवार प्रातः करीब साढ़े चार बजे गोगा म्हाड़ी के महंत यहां पर साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें म्हाड़ी परिसर में काले रंग का कोबरा सांप दिखाई दिया। कुछ देर बाद यह सांप म्हाड़ी परिसर में जल रही अखंड जोत के निकट जाकर बैठ गया। बताया जा रहा है कि म्हाड़ी में निकला कोबरा दिनभर अखंड जोत के पास बैठा रहा। म्हाड़ी में निकला कोबरा ग्रामीणों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। कोबरा सांप को देखने के लिए म्हाड़ी में पूरे दिन ग्रामीणों का आवागमन जारी रहा। ग्रामीणों के अनुसार, म्हाड़ी परिसर में नाग देवता की एक समाधि बनी हुई है। Kairana News

जहां पर पूर्व में भी कई बार इस तरह के सांप नजर आते रहे है। वहीं, गोगा म्हाड़ी पर निकले कोबरा को ग्रामीण आस्था से जोड़कर चल रहे है। उधर, विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय बाबू शर्मा का कहना है कि तापमान बढ़ने के कारण भूमिगत प्राणी बाहर आ जाते है। जोत प्रज्वलन से वातावरण में फैली गंध अथवा आसपास में मौजूद नमी सांप के आकर्षण का केंद्र हो सकती है। यह महज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे आस्था से नही जोड़ा जा सकता। Kairana News

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