UP Highway News: यूपी वालों के लिए खुशखबरी, शामली समेत इन जिलों से होकर गुजरेगा ये नया हाईवे
UP Highway News: यूपी वालों के लिए खुशखबरी, शामली समेत इन जिलों से होकर गुजरेगा ये नया हाईवे
UP Highway News: शामली । इस प्रस्तावित हाईवे की खास बात यह है कि इसका रूट भारत-नेपाल सीमा से सटे कई जिलों से होकर गुजरेगा। ऐसे में इससे सीमावर्ती इलाकों में आवागमन और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। हाईवे के निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दी गई है।
गोरखपुर से शामली तक बनेगा हाईवे | UP Highway News
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित हाईवे गोरखपुर से शुरू होकर शामली तक जाएगा। इस दौरान यह महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जैसे जिलों से होकर गुजरेगा। इसके बाद इसका रूट लखनऊ और सीतापुर से होते हुए लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली और मुरादाबाद तक पहुंचेगा।
इसके अलावा बिजनौर और मेरठ को भी इस हाईवे से जोड़ने की योजना बताई जा रही है। इस तरह यह हाईवे यूपी के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग बन सकता है।
15 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा | UP Highway News
इस हाईवे के निर्माण से जिन जिलों को कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, उनमें कई ऐसे जिले भी शामिल हैं जिन्हें विकास की दृष्टि से अपेक्षाकृत पिछड़ा माना जाता है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से इन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और लोगों को एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचने में कम समय लग सकता है।
हाईवे के आसपास व्यापार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी होगी आसान
गोरखपुर-शामली हाईवे का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर गुजरना है। रूट में नेपाल सीमा से सटे कई जिले शामिल हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच आसान हो सकती है।
आपात स्थिति में भी इन क्षेत्रों में तेजी से आवाजाही की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस लिहाज से यह परियोजना सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहले होगा सीमांकन, फिर जमीन अधिग्रहण
NHAI की ओर से इस परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सबसे पहले हाईवे के प्रस्तावित रूट का सीमांकन किया जाएगा। सीमांकन पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
भूमि अधिग्रहण में समय लगने के बाद ही हाईवे के निर्माण का काम जमीन पर शुरू हो सकेगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
निर्माण में लग सकते हैं करीब 3 साल
बताया जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद हाईवे का निर्माण शुरू किया जाएगा। परियोजना को पूरा होने में करीब तीन साल या उससे अधिक समय लग सकता है।
इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच बातचीत भी हो चुकी है। परियोजना की जिम्मेदारी NHAI के पास होने से इसके निर्माण और निगरानी की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
यूपी के लिए क्यों अहम है यह हाईवे?
गोरखपुर-शामली हाईवे बनने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत हो सकता है। करीब 700 किलोमीटर लंबा यह प्रस्तावित मार्ग कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ते हुए प्रदेश के बड़े हिस्से के लिए परिवहन का नया विकल्प तैयार करेगा।
अगर परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में इससे यात्रा का समय कम होने, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने और सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने का फायदा मिल सकता है।