Indian Army: भारत और श्रीलंका की सेनाओं ने ज़हरीले साँपों से निपटने में दिखाया अपना दम

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India Sri Lanka Military Exercise: नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की सेनाएँ इन दिनों संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ के तहत अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण से गुजर रही हैं। बेलगावी स्थित भारतीय सेना के फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों की क्षमता, तालमेल और ऑपरेशनल दक्षता को नए स्तर पर ले जा रहा है। Indian Army

अभ्यास के दौरान सैनिकों ने विषैले सांपों से निपटने के तौर–तरीकों, जंगल में जीवित रहने की तकनीकों और कठिन भूभाग में कार्य करने जैसी जटिल परिस्थितियों का सामना किया। इसके साथ ही उच्च-स्तरीय फिटनेस ड्रिल्स, योग, स्ट्रेचिंग और सहनशक्ति आधारित गतिविधियों ने दोनों सेनाओं की शारीरिक और मानसिक मजबूती को और भी सुदृढ़ किया है। सेना के अनुसार, इन गतिविधियों ने संयुक्त दलों के बीच अनुशासन, विश्वास और टीम वर्क को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है।

हेलिबोर्न ऑपरेशन भी इस प्रशिक्षण का प्रमुख हिस्सा रहा। सैनिकों ने हेलीकॉप्टर से ऑपरेशनल युद्ध क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से उतरने की प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंधन तथा त्वरित तैनाती की कला का व्यावहारिक अभ्यास किया। यह क्षमता आतंकवाद-रोधी अभियानों, आपदा-प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया मिशनों में अत्यंत उपयोगी मानी जाती है। Indian Army

अभ्यास के दौरान विभिन्न सामरिक गतिविधियों का भी प्रदर्शन किया गया, जिनमें रोड ओपनिंग, युद्ध क्षेत्र में घायलों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया, कॉम्बैट मेडिकल प्रशिक्षण, और नवीनतम ड्रोन तकनीक के माध्यम से निगरानी शामिल रही। इन गतिविधियों ने दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की ऑपरेशनल तकनीकों और रणनीतियों को समझने का अवसर दिया।

श्रीलंका की सेना ने इस दौरान ‘ऑपरेशन इंड्रा सेरा’ का विशद प्रस्तुतीकरण भी किया, जिसमें छोटे दस्तों की भूमिका, अभियानों की योजना, और खतरे की पहचान व निष्पादन तकनीक पर विस्तार से चर्चा की गई। यह सत्र सैनिकों के वास्तविक अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ। Defence News

सर्वाइवल ट्रेनिंग इस संयुक्त अभ्यास का एक और प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें सैनिकों को विषैले सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने, जंगल में त्वरित आश्रय निर्माण, प्राथमिक जीवनरक्षक कौशल और सरल ट्रैप मैकेनिज़्म की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण ने कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भरता और तत्परता को मजबूत आधार प्रदान किया। साहस और मनोवैज्ञानिक संतुलन का परीक्षण करने के लिए लिडो जंप जैसे अभ्यास भी कराए गए, जिन्होंने सैनिकों का आत्मविश्वास और टीम के प्रति भरोसा बढ़ाया।

अंतिम चरण में संयुक्त लाइव फायरिंग आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के सैनिकों ने अपनी निशानेबाज़ी और हथियार संचालन कौशल का प्रदर्शन किया। इससे मिशन रेडीनेस और इंटर-ऑपरेबिलिटी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। दो दिनों तक चले इस गहन सैन्य प्रशिक्षण ने भारत और श्रीलंका की सेनाओं के आपसी सहयोग, पेशेवर सामर्थ्य और सामरिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। ‘मित्र शक्ति’ अभ्यास लगातार दोनों देशों के बीच शांति, क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय सहायता अभियानों में परस्पर सहभागिता को सुदृढ़ कर रहा है। Indian Army

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