असम में जापानी इन्सेफलाइटिस का कहर, 50 लोगों की मौत

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  • डॉक्टरों नर्सों की छुट्टियां रद्द

  • 12.8 लाख ब्लड स्लाइड से लिए सैंपल

  • 109 मामले आए सामने, 1094 गाँवों में करवाई फोगिंग

गुवाहाटी (एजेंसी)। कोकराझार को छोड़कर असम के सभी जिले जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई) की चपेट में आ गए हैं। दीमा हसाओ जिले के हैफलॉन्ग हॉस्पिटल में एक और मरीज की मौत हो गई। इसके साथ ही अब तक जेई से 50 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द करने के साथ ही बीमारी से निपटने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। दीमा हसाओ जिले में कुंजलता हकमकासा (60) जेई का पहला शिकार हुई थीं। उन्हें हैफलॉन्ग सिविल अस्पताल में पिछले हफ्ते भर्ती कराया गया था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने 30 सितंबर तक के लिए डॉक्टरों, नर्सों और हेल्थ सेक्टर के दूसरे कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया है।

स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा का कहना है, ‘इमरजेंसी केस में केवल डेप्युटी कमिश्नर को छुट्टी की इजाजत मिलेगी। हमने ये भी निर्देश दिए हैं कि कोई भी डॉक्टर, नर्स या दूसरे स्वास्थ्य कर्मी अपनी पोस्टिंग वाली जगह से बाहर नहीं जाएंगे। इस दौरान कोई भी गैरहाजिर पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 5 जुलाई तक जेई के 190 मामले सामने आए, जिनमें 50 मरीजों की मौत हो गई।
बिस्व शर्मा ने बताया, ‘12.8 लाख ब्लड स्लाइड के जरिए सैंपल इकट्ठा किए जा चुके हैं। जेई से प्रभावित 1094 गाँवों में फॉगिंग की जा रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में इलाज का खर्चा राज्य सरकार की तरफ से उठाया जाएगा।’

 

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