खाना देने वाले की अर्थी पर लिपट कर रोया बंदर, वीडियो आया सामने

Published On

अर्थी से लिपटकर गंगा घाट तक गया, अंतिम संस्कार में हुआ शामिल

अमरोहा (सच कहूँ/कपिल कुमार)। अमरोहा में एक बुजुर्ग की मौत पर बंदर (Monkey) का गम मनाते हुए वीडियो सामने आया है। बंदर बुजुर्ग के शव के पास न सिर्फ बैठा रहा बल्कि परिजनों और रिश्तेदार के साथ शव से लिपटकर चालीस किमी दूर गंगा घाट पर अंतिम में शामिल हुआ। जबतक चिता की आग शांत नहीं हुई तबतक वहीं बैठा रहा। बाद में जब लोग घर लौटने लगे तो उन्हीं के साथ गाड़ी से वापस आया। ये वीडियो जोया इलाके की जाटव कॉलोनी का है। Amroha News

बताया जाता है कि कॉलोनी के रहने वाले रामकुंवर सिंह बंदर पिछले 2 महीने से बंदर को अपनी छत पर खाना खिलाते थे। बंदर अक्सर सुबह रामकुंवर के खाना खाने के समय पहुंच जाता था। लेकिन बीते मंगलवार को बीमारी के चलते रामकुंवर की मौत हो गई। Amroha News

रामकुंवर के बेटे के सुनील के मुताबिक, बंदर पिता के साथ खाना खाता था, जिसके चलते पिता उसे दोस्त की तरह मानते थे। जो कुछ वो खाते वही बंदर को भी खिलाते थे। मंगलवार को पिता की मौत के बाद जब हम लोग उनके शव के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। अर्थी उठाने की तैयारी थी। लेकिन तभी बंदर वहां पहुंच गया और पिता की अर्थी से लिपट गया। बंदर की आंखों में आसूं थे। लोगों को रोते देख वो जमीन पर लेट गया और दुख में शामिल हुआ।

सुनील ने बताया कि बंदर करीब 2 घंटे तक पिता के शव के पास बैठा रहा। उसके बाद जब हम लोग अर्थी उठाकर अंतिम संस्कार के लिए गंगा की कटरी पर जाने लगे तो बंदर भी अर्थी के ऊपर बैठ गया। हम लोगों ने हटाया लेकिन वो अर्थी से लिपटा रहा। उसके बाद गाड़ी में ही अर्थी के साथ घर से 40 किमी दूर गंगा घाट तक गया। जहां वह अर्थी के पास गंगा किनारे काफी देर तक बैठा रहा। Amroha News

जब रामकुंवर के शव को मुखाग्नि दी गई तो पास में मौजूद रहा। जब चिता की आग शांत हुई तब हम लोग घर लौटने लगे। हम लोगों के साथ उसी गाड़ी पर बैठकर बंदर हमारे घर तक आया। उसके बाद पास ही बाग में चला गया। बुजुर्ग और बंदर की ये दोस्ती देखकर अंतिम संस्कार में आए लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जो आज सामने आया है।

यह भी पढ़ें:– Subprime Crisis: भारतीय रिजर्व बैंक ने सबप्राइम संकट को लेकर दी चेतावनी

About The Author

Related Posts