Noida Techie Death Case: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में चश्मदीद के बयान से मची हलचल!

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SIT की जांच शुरू, इंजीनियर के पिता ने चश्मदीद की बात बताई

नोएडा। सेक्टर-150 में हुए हृदयविदारक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मृत्यु के प्रकरण ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को नोएडा पहुंचकर मामले की गहन छानबीन आरंभ कर दी। लापरवाही के गंभीर आरोपों को देखते हुए एसआईटी को पांच दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपने के आदेश दिए गए हैं। Noida Techie Death

घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई की है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को पद से हटा दिया गया है, वहीं एक कनिष्ठ अभियंता की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। मंगलवार दोपहर लगभग 12:15 बजे एसआईटी प्राधिकरण कार्यालय पहुंची। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर के नेतृत्व में प्राधिकरण के बोर्ड कक्ष में करीब तीन घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक चली। इस दौरान पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम तथा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश से गहन पूछताछ की गई।

बैठक के समय विभिन्न विभागों के अधिकारी आवश्यक अभिलेखों के साथ बोर्ड कक्ष के बाहर उपस्थित रहे। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भीतर बुलाकर तथ्यात्मक जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता को भी बैठक में बुलाया गया। लगभग आधे घंटे तक एसआईटी अधिकारियों ने उनसे बातचीत कर घटना से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज कीं। Noida Techie Death

उन्होंने अपने पुत्र को कार सहित पानी में डूबते हुए स्वयं देखा था

राजकुमार मेहता ने एसआईटी को बताया कि दुर्घटना की रात उन्होंने अपने पुत्र को कार सहित पानी में डूबते हुए स्वयं देखा था। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर लगभग 80 कर्मचारी मौजूद थे, किंतु किसी ने भी पानी में उतरकर युवराज को बचाने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने उस रात की पूरी घटना का क्रमवार विवरण जांच दल के समक्ष रखा, जिसे जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। बयान दर्ज होने के पश्चात उन्हें पुलिस सुरक्षा में उनके निवास तक भेज दिया गया।

बैठक समाप्त होने के बाद एसआईटी संबंधित अधिकारियों के साथ सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर पहुंची। वहां उस स्थान का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया, जहां से वाहन सीधे पानी में गिरा था। सड़क के उस मोड़ का भी जायजा लिया गया, जहां किसी प्रकार के सुरक्षा संकेतक या अवरोधक मौजूद नहीं थे। इसके अतिरिक्त प्लॉट की स्थिति, आसपास की सड़क व्यवस्था तथा बिल्डर से संबंधित तथ्यों को भी संकलित किया गया।

एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि जांच प्रक्रिया को तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा। पहले दिन दो चरण पूरे कर लिए गए हैं—पहला प्राधिकरण में बैठक और दूसरा घटनास्थल का निरीक्षण। तीसरे चरण में घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दायरे में सिविक प्राधिकरण से लेकर पुलिस तंत्र तक सभी की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासन से जुड़े कई अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद और भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। Noida Techie Death

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