Punjab
'मोबाइल से खुलेंगे जसाला के मोनू कश्यप की मौत के राज'
मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद दोनों हत्यारोपियों को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाई कैराना पुलिस
कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद बहुचर्चित मोनू कश्यप हत्याकांड के दोनों आरोपियों को कैराना पुलिस तीन दिन की कस्टडी रिमांड(पीसीआर) पर लेकर आई है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएशन व मोबाइल बरामदगी कराने समेत विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन पूछताछ व जांच-पड़ताल करेगी।
विगत 21 अप्रैल को कांधला थानाक्षेत्र के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप संदिग्ध परिस्थितियों में पंजोखरा के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में पड़ा मिला था, जिसे उपचार हेतु पहले कांधला सीएचसी तथा बाद में मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेरठ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक युवक मोनू की माँ ने गांव जसाला के ही सचिन व शुभम पर हत्या का शक जताते हुए कांधला थाने पर अभियोग पंजीकृत कराया था, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी सचिन व शुभम ने महिला मित्र से बात न कराने पर मोनू कश्यप की ट्रेन के सामने धक्का देकर हत्या किया जाना स्वीकार किया था।
दोनों आरोपियों के जेल जाने के बावजूद मोनू कश्यप की हत्या के मामले ने क्षेत्र में काफी तूल पकड़ा था। कश्यप समाज के लोगो ने एसपी कार्यालय पर धरना देकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी, जिस पर एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की विवेचना कांधला से कैराना थाने में ट्रांसफर कर दी थी। फिलहाल कैराना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री मोनू कश्यप की मौत के मामले की जांच कर रहे है। हत्यारोपी सचिन व शुभम विगत 38 दिनों से मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद है। बुधवार को उन्हें कैराना पुलिस के द्वारा तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लाया गया है। विवेचना अधिकारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कैराना की अदातल में आरोपियों से बरामदगी व पूछताछ हेतु पांच दिन की रिमांड देने के लिए अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड(पीसीआर) स्वीकार की है। बुधवार को शुरू हुई रिमांड अवधि शुक्रवार शाम तक रहेगी।
इस दौरान पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट कराएगी। साथ ही, आरोपियों के निशानदेही पर उनके मोबाइल फोन बरामद कराना पुलिस की जांच प्रक्रिया में शामिल रहेगा। आरोपियों के मोबाइल फोन से मोनू कश्यप की मौत की स्पष्ट वजह पता लगने की संभावना है। इसके अलावा, पुलिस हत्यारोपियों से प्रकरण की विस्तृत पूछताछ समेत विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल करेगी। वहीं, मामले की विवेचना कर रहे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री ने बताया कि जेल में बंद शुभम व सचिन को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाया गया है। इस दौरान उन्हें घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएशन, मोबाइल बरामदगी समेत विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से पूछताछ की जाएगी।
शामली से सहारनपुर तक तूल पकड़ चुका है मोनू की मौत का मामला
गांव जसाला के युवक मोनू कश्यप की मौत का मामला शामली से लेकर सहारनपुर तक खूब तूल पकड़ चुका है। युवक की मौत से आक्रोशित कश्यप समाज के लोग एसपी कार्यालय पर धरना देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर चुके है। वहीं, कैराना सांसद इकरा हसन विगत दिनों मृतक युवक की माँ व अन्य परिजनों को लेकर सहारनपुर डीआईजी से मिलने पहुंची थी। जहां पर पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी नोक-झोंक हो गई थी। बाद में सहारनपुर के सदर थाने में इकरा हसन समेत सात नामजद व 20-25 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ डीआईजी कार्यालय के बाहर हंगामा करने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने व यातायात ठप्प करने आदि धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अगले दिन इकरा हसन व उनके विधायक भाई नाहिद हसन ने पीड़ित परिवार को लखनऊ ले जाकर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव से मुलाकात कराई थी। जहां पर अखिलेश यादव की ओर से मृतक मोनू कश्यप के परिजनों की दो लाख रुपये की सहायता दी गई थी। वहीं, भाजपा नेता मनीष चौहान व उनके एमएलसी पिता वीरेंद्र सिंह भी पीड़ित परिवार के साथ में एसपी शामली से मिल चुके है। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को सहायता राशि दिलाए जाने का आश्वासन भी दिया है। मामले ने एकबारगी राजनीति के साथ-साथ सामाजिक माहौल को भी गर्म कर दिया था। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कश्यप व गुर्जर समाज के युवकों के द्वारा एक-दूसरे को टारगेट करते हुए खूब रीलबाजी की गईं है।
