सीआरपीएफ के जवान का राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार

Published On

फिरोजाबाद । अलीगढ़ जिले में सीआरपीएफ में तैनात जिले के एक जवान की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद शुक्रवार देर शाम गांव में पहुंचे शव का पहले परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों की मांग थी कि उसको शहीद का दर्जा दिया जाए, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और विधायक डॉ मुकेश वर्मा ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन परिजन अपनी जिद्द पर अड़े रहे। देर शाम आठ बजे परिजनों तथा अन्य ग्रामीणों को काफी समझाने के बाद जवान को सलामी देकर अंतिम संस्कार किया गया।

जिले के ग्राम अरमराजट्ट थाना मक्खनपुर निवासी 40 वर्षीय विनोद कुमार पुत्र भरत सिंह अलीगढ़ में सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर तैनात थे । परिजनों ने बताया कि अलीगढ़ में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मृत्यु हो गई थी। सिपाही की मौत की खबर लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया । शुक्रवार शाम सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर अमर राज यादव, मेजर सुनील कुमार अपनी बटालियन के साथ शव लेकर गांव पहुंचे शव पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जब शव को ताबूत से सीआरपीएफ की बटालियन ने निकलने की कोशिश की, तो परिजनों ने शव निकालने से मना करते हुए विरोध शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि उनके बेटे को शहीद का दर्जा दिया जाए । सूचना मिलते ही सपा विधायक मुकेश वर्मा, सीओ अरुण कुमार चौरसिया, थाना मक्खनपुर प्रभारी चमन शर्मा, तहसीलदार शिकोहाबाद कीर्ति चौधरी सहित प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया । इधर सिपाही की मौत के बाद पत्नी नेहा यादव व उसके तीन बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। काफी देर समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए इसके बाद सीआरपीएफ बटालियन ने जवान को सलामी दी।

About The Author

Related Posts