भीषण गर्मी में बेजुबान परिंदों के लिए प्रेरणा बनी डॉ. प्रदीप जैन की मानवीय पहल
बड़ौत के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ प्रदीप जैन मानवता के साथ जीवों के प्रति भी निभा रहे अपना दायित्व
बड़ौत (डॉ संदीप कुमार)। तपती धूप, झुलसाती हवाएं और आसमान से बरसती आग के बीच जहां इंसान अपने लिए ठंडक और पानी का इंतजाम कर लेता है, वहीं बेजुबान पक्षियों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में अक्षय नर्सिंग होम के प्रबंध निदेशक एवं क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रदीप जैन ने एक छोटी लेकिन प्रेरणादायी पहल कर समाज को बड़ा संदेश दिया है। डॉ. प्रदीप जैन प्रतिदिन अपने आवास पर पक्षियों के लिए सकोरों में स्वच्छ पानी भरकर उनकी प्यास बुझाने का प्रयास कर रहे है।
उनका यह कार्य केवल पानी भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवों के प्रति संवेदना, करुणा और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। डॉ. प्रदीप जैन ने कहा कि गर्मी के मौसम में जलस्रोतों के सूखने से पक्षियों को पानी की तलाश में दूर-दूर तक भटकना पड़ता है। कई बार पानी न मिलने के कारण उनकी जान तक चली जाती है। ऐसे में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, दुकान, विद्यालय या प्रतिष्ठान पर एक सकोरा पानी का रख दे, तो अनगिनत परिंदों को जीवनदान मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मानवता केवल मनुष्यों की सेवा तक सीमित नहीं है। हमारे आसपास रहने वाले पक्षी और अन्य जीव भी प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी रक्षा और देखभाल करना भी हमारा नैतिक दायित्व है। छोटी-छोटी संवेदनाएं ही समाज को बेहतर और अधिक मानवीय बनाती हैं।
डॉ. प्रदीप जैन की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जिस प्रकार वह वर्षों से मरीजों की सेवा कर लोगों को स्वस्थ जीवन देने का कार्य कर रहे हैं, उसी प्रकार अब बेजुबान परिंदों की चिंता कर उन्होंने सामाजिक संवेदनशीलता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। भीषण गर्मी के इस दौर में उनकी यह पहल लोगों को प्रेरित कर रही है कि वे भी अपने घरों के बाहर पानी से भरे सकोरे रखें, ताकि प्यासे परिंदों को राहत मिल सके और जीवों के प्रति हमारी करुणा केवल शब्दों तक सीमित न रहकर व्यवहार में भी दिखाई दे।
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