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    आजकल हो रही है आयुर्वेदिक दवाओं से पशुओं की देखभाल: PM

    हिम्मतनगर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात में साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में साबर डेयरी की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के अवसर पर कहा कि आजकल आयुर्वेदिक दवाओं से पशुओं की देखभाल हो रही है। मोदी ने कहा, ‘आज मुझे यहां की बहनों ने बताया कि पशु अगर बीमार होते हैं तो हम आजकल आयुर्वेदिक दवाई से भी पशुओं को ठीक करते हैं। यानी पशुओं के लिए जो हमारी परम्पराएं घरों में रहती थीं, वे पुनर्जीवित हुई हैं। आयुर्वेदिक दवाओं से पशुओं की देखभाल, मैं गुजरात के डेयरी क्षेत्र के लोगों का, साबर डेयरी का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्?होंने अपने पशुपालकों को आयुर्वेद दवा के सहारे पशुओं की चिकित्?सा का रास्?ता और उसमें मदद की है। शायद इसका प्रचार बहुत कम हुआ है।

    प्लास्टिक हमारे पशुओं के लिए दुश्मन

    उन्होंने कहा, ‘गुजरात देश का वह राज्य है जहां हमने कई साल पहले पशुओं के लिए हेल्थ कार्ड जारी किए थे, पशु आरोग्य मेलों की शुरूआत की थी। हमने पशुओं के मोतियाबिंद और दांतों के डेंटल ट्रीटमेंट तक की चिंता की थी। आपको तो पता है पशु आरोग्य मेले में कुछ गायें जब उनके पेट को काटते थे, तो 15-15, 20-20 किलो प्लास्टिक का वेस्?ट निकलता था और देखने वालों की आंख में पानी आ जाता था। इसलिए हमने प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने का अभियान चलाया है। यह प्लास्टिक हमारे पशुओं के लिए दुश्मन के समान है। दूसरी तरफ पशुओं की चिंता, पशुओं को अच्छा आहार मिले और आज मुझे बहनों ने आनंद की बात की है।

    दूध का कलेक्शन बढ़ा

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें पता है जब मैं 2001 में आया, तब लोग कहते थे कि साहब शाम को खाना खाते वक्त तो बिजली दो। शाम को गुजरात में बिजली नहीं मिलती थी, गुजरात में हमने ज्योतिग्राम योजना का अभियान चलाया। आज 20-22 वर्ष के लड़के-लड़कियों को तो पता भी नहीं होगा कि अंधेरा किसे कहते हैं। गुजरात में ज्योतिग्राम योजना लाये और ज्योतिग्राम योजना ने गुजरात के घरों में उजाला किया, टीवी चालू किया इतना ही नहीं हमारे गाँव में डेयरी ने मिल्क चिल्ड यूनिट खड़े करने में इस बिजली ने बहुत बड़ी मदद की, जिसके कारण दूध का कलेक्शन बढ़ा, और दूध बिगड़ना बंद हुआ। गाड़ी आए तब तक चिलिंग सेन्टर में दूध सुरक्षित रहता था। उसके कारण नुकसान भी कम होने लगा और यह बिजली के कारण हो सका है।

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