Earth End Date: पृथ्वी का होगा विनाश! वैज्ञानिकों ने की इस तबाही की भविष्यवाणी….

Published On

Earth End Date: देश के वैज्ञानिक इस दुनिया के बारे में अक्सर रिसर्च करते ही रहते हैं, इस बार वैज्ञानिकों ने धरती पर रिसर्च कर एक चौंकानें वाली जानकारी दी हैं, दरअसल साइंटिस्ट्स ने कहा हैं कि पृथ्वी पर जानवरों समेत कोई भी जीन जिंदा नहीं बच पाएगा, धरती का संपूर्ण विनाश हो जाएगा, इस को लेकर वैज्ञानिकों ने तारीख भी बता दी हैं। वैसे कहा भी जाता है कि हर चीज का अंत जरूर होता है, वैसे ही पृथ्वी पर पहले प्राणी की शुरूआत की तरह, आखिरी प्राणी का अंत भी एक न एक दिन होगा, ऐसे में अपनी धरती पर एक दिन ऐसा आएगा, जब सभी जीवित चीजें नष्ट हो जाएंगी।

Diabetes Remedy: लाखों की दवाई भी फेल हैं इन घरेलू नुस्खों के आगे, डायबिटीज को बड़ी आसानी से करती हैं कंट्रोल

दरअसल हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली जानकारी दी है कि एक दिन इंसान और जानवर समेत कोई भी जीव-जंतु अपनी पृथ्वी पर जिंदा नहीं रह पाएगा और धरती पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगी। जानकारी के मुताबिक ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करके यह शोध किया, जिसमें। यह खुलासा हुआ है कि अगले 250 मिलियन वर्षों के बाद पृथ्वी पर जलप्रलय आने की संभावना है, वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी पर मनुष्य सहित सभी जीवित चीजें गायब हो जाएंगी। ऐसे वातावरण में पृथ्वी पर कोई भी जीव-जंतु या फिर इंसान जीवित नहीं रह सकता, यहां इतनी गर्मी पड़ेगी कि गर्मी के कारण सब कुछ नष्ट हो जाएगा।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस दर से हम पृथ्वी पर कार्बन की मात्रा बढ़ा रहे हैं उसके कारण यह विलुप्ति जल्द ही होने की संभावना है, ऐसी ही एक घटना 66 मिलियन वर्ष पहले हुई थी और कहा जाता है कि इस दौरान डायनासोर खत्म हो गए थे। वहीं रिसर्च करने वाली टीम के प्रमुख अलेक्जेंडर फार्नस्वर्थ ने कहा, उस समय यानी 66 मिलियन वर्ष पहले, दुनिया में कार्बन डाइआॅक्साइड की मात्रा अब की तुलना में दोगुनी थी, इसमें शरीर गर्म हो जाता है और लोग मर जाते हैं, फिर पृथ्वी के सभी महाद्वीपों का विलय होकर सुपर कॉन्टिनेंट पैंजिया अल्टिमा का निर्माण हुआ।

वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी पहले गर्म होगी, फिर सूख जाएगी और अंतत: रहने लायक नहीं रहेगी, इसके अलावा, ज्वालामुखी भी तब फूटते हैं जब वे गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं और ऐसा कहा जाता है कि पृथ्वी का अधिकांश भाग ज्वालामुखियों से ढका हुआ है। ऐसे में धरती जैसे-जैसे गर्म होगी, वैसे-वैसे ज्वालामुखी भी फूटेंगे और जीवन खत्म होता जाएगा।

About The Author

Related Posts