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    कैथल जिले से अब तक सिर्फ 3 महिलाएं ही बन सकीं विधायक

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    Kaithal News: कैथल जिले से अब तक सिर्फ 3 महिलाएं ही बन सकीं विधायक

    कैथल से ओमप्रभा जैन, कलायत से गीता भुक्कल और कमलेश ढांडा जीत दर्ज कर पाई

    कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: हरियाणा में पांच अक्टूबर को मतदान होगा। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा व इनेलो को छोड़ कर सभी राजनीतिक दलों ने महिलाओं की अनदेखी की। ऐसा ही हाल इस बार भी देखने को मिल रहा है। इस बार भी भाजपा ने कलायत हलके से कमलेश ढांडा को टिकट देकर मैदान में उतारा है। गुहला में इनेलो-बसपा गठबंधन ने पूनम सुल्तानियां को टिकट दिया है। Kaithal News

    कलायत में कांग्रेस की बागी अनिता ढुल बढ़सीकरी निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। वहीं पूंडरी हलके से निर्दलीय चुनाव लड़ रही सुनीता बतान कांग्रेस को समर्थन दे गयी है। कैथल जिले की चारों विधानसभा सीटों में से कैथल और कलायत विधानसभा क्षेत्र से ही तीन बार महिलाएं जीतकर विधानसभा पहुंची। इनमें कैथल विधानसभा सीट पर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए चार बार ओमप्रभा जैन विधायक बनी। वहीं कलायत से 2005 में कांग्रेस की टिकट पर लड़ते हुए गीता भुक्कल तो, 2019 में भाजपा की टिकट से लड़ते हुए कमलेश ढांडा ने जीत दर्ज की थी। पूंडरी और गुहला हल्के से आज तक कोई भी महिला प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सकी। Kaithal News

    2005 में कलायत से पहली महिला के तौर पर गीता भुक्कल ने भेदा था कलायत का किला | Kaithal News

    कलायत विधानसभा सीट पर वर्ष 2005 में गीता भुक्कल ने इनेलो के गढ़ तो तोड़ते हुए यहां से जीत दर्ज की थी। वह कलायत हलके से जितने वाली पहली महिला थी । इसके बाद से आज तक भी कांग्रेस को इस सीट पर जीत नसीब नहीं हो पाई है। वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस दूसरे, 2014 के चुनाव चौथे व 2019 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं इनेलो को भी वर्ष 2009 के बाद से इस सीट पर जीत नसीब नहीं हो पाई है।

    जिले में कब कब बनी महिलाएं विधायक

    कैथल विधानसभा सीट की बात करें तो यहाँ से विधायक रही ओमप्रभा जैन दो बार कांग्रेस सरकार में वित्तमंत्री भी रही। 1976 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए ओमप्रभा जैन चुनाव हार गई थीं, इसके बाद पार्टी ने दोबारा किसी भी महिला को चुनाव में नहीं उतारा। इसी प्रकार 2009 के विधानसभा चुनाव से पहले कलायत हलका आरक्षित सीट थी। यह हलका शुरूआत से इनेलो का गढ़ रहा है। 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने यहां से गीता भुक्कल को चुनाव मैदान में उतारा था। इनेलो ने प्रीतम सिंह को उम्मीदवार बनाया था। Kaithal News

    आमने-सामने के इस मुकाबले में गीता भुक्कल चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके बाद सीट सामान्य हो गई और गीता भुक्कल झज्जर से विधायक बनी। इसके बाद पाई और राजौंद हलका टूटने पर कलायत की सीट सामान्य हो गई े 2009 के चुनाव में फिर से इनेलो के टिकट पर लड़ते हुए रामपाल माजरा गढ़ को बचाने में सफल रहे, लेकिन 2014 के चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़े जय प्रकाश से हार गए। 2019 में भाजपा की कमलेश ढांडा यहां से जीत दर्ज करने वाली दूसरी महिला बनी ।

    जिले में 8 लाख मतदाता | Kaithal News

    जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में 8 लाख 24 हजार 408 मतदाता हैं। इसमें 4 लाख 31 हजार 148 पुरुष तथा 3 लाख 90 हजार 664 महिला मतदाता शामिल है। कैथल विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। यहां कुल 2 लाख 23 हजार 449 मतदाता हैं कलायत विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 15 हजार 129 मतदाता हैं। पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 93 हजार 122 मतदाता हैं। गुहला विधान सभा क्षेत्र में कुल एक लाख 92 हजार 708 मतदाता हैं।

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