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Gardening Tips: सितंबर में गमलों में उगाएं ये 5 सब्जियां, सर्दियों में घर बैठे मिलेगा ताजा और हरा-भरा किचन गार्डन
सितंबर में गमलों में उगाएं ये 5 सब्जियां, सर्दियों में घर बैठे मिलेगा ताजा और हरा-भरा किचन गार्डन
Gardening Tips: अगर आपके घर की छत या बालकनी में गमले रखे हैं और आप सर्दियों में अपने किचन गार्डन को हरा-भरा देखना चाहते हैं, तो सितंबर का महीना आपके लिए बेहद खास है। गर्मियों की फसलें अब धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं और सर्दियों में उगाई जाने वाली सब्जियों की तैयारी शुरू हो जाती है। इस समय मौसम में हल्की ठंडक आने लगती है, जो कई सब्जियों की ग्रोथ के लिए अनुकूल मानी जाती है।
अगर सितंबर में सही तरीके से बीज या पौधे लगा दिए जाएं तो आने वाले महीनों में घर पर ही ताजी सब्जियां मिल सकती हैं। इसके लिए बड़े खेत या ज्यादा जगह की जरूरत भी नहीं होती। छत, बालकनी या छोटी सी जगह में रखे गमलों और ग्रो बैग में कई सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं।
टमाटर और हरी धनिया |Gardening Tips
टमाटर और हरी धनिया भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में शामिल हैं। सितंबर में टमाटर के पौधे लगाने या उनकी पौध तैयार करने की शुरुआत की जा सकती है। आप नर्सरी से स्वस्थ पौधे लाकर उन्हें बड़े गमले या ग्रो बैग में लगा सकते हैं। अगर चाहें तो बीज से भी पौध तैयार की जा सकती है।
टमाटर के पौधे को पर्याप्त धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है। सही देखभाल मिलने पर आने वाले महीनों में पौधे पर लाल-लाल टमाटर आने लगते हैं।
वहीं, हरी धनिया के लिए सितंबर का मौसम काफी अच्छा रहता है। धनिया के बीजों को हल्का सा मसलकर गमले की मिट्टी में बिखेर दें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें। इसे बहुत तेज धूप की बजाय हल्की धूप और नम मिट्टी पसंद होती है। धनिया तैयार होने के बाद इसकी पत्तियों को जरूरत के हिसाब से काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस तरह गमले में लगाएं मेथी
सर्दियों में मेथी के पराठे और मेथी की सब्जी खूब पसंद की जाती है। अच्छी बात यह है कि इसे गमले में उगाना काफी आसान है। इसके लिए मेथी के बीजों को उपजाऊ मिट्टी में समान रूप से बिखेर दें और ऊपर से मिट्टी की हल्की परत डाल दें।
मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। कुछ ही समय में मेथी की हरी पत्तियां निकलने लगती हैं। इन्हें जरूरत के अनुसार काटकर कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
गमले में सब्जियां उगाते समय मिट्टी का मिश्रण भी काफी महत्वपूर्ण है। इसके लिए करीब 50 प्रतिशत मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत रेत का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए छेद जरूर होने चाहिए, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो।
पालक और मूली भी लगाएं
सर्दियों के किचन गार्डन में पालक और मूली को भी शामिल किया जा सकता है। सितंबर में इनकी बुवाई शुरू करना अच्छा विकल्प है। इन्हें उगाने के लिए बहुत बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती। पालक को चौड़े और कम गहराई वाले ग्रो बैग या कंटेनर में भी उगाया जा सकता है।
मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर पालक के बीज बोएं। इसके बाद हल्का पानी दें और मिट्टी में नमी बनाए रखें। कुछ समय बाद हरी पत्तियां निकलने लगेंगी, जिन्हें जरूरत के अनुसार काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
मूली के लिए अपेक्षाकृत गहरे ग्रो बैग या गमले का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, क्योंकि इसकी जड़ को नीचे की ओर बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी में मूली के बीज बोने पर अंकुर निकलने शुरू हो जाते हैं। उचित देखभाल के साथ सर्दियों में घर पर ही ताजी मूली तैयार की जा सकती है।
गमले में सब्जियां उगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
किचन गार्डन में अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ बीज बोना ही काफी नहीं है। मिट्टी उपजाऊ और पानी की निकासी वाली होनी चाहिए। पौधों की जरूरत के मुताबिक धूप मिलनी चाहिए और मिट्टी में जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखनी चाहिए।
गमले या ग्रो बैग का चुनाव भी सब्जी की जड़ों के आकार के हिसाब से करें। खासकर मूली और टमाटर जैसी फसलों के लिए पर्याप्त जगह जरूरी है। समय-समय पर पौधों की जांच करते रहें और कीट या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उचित जैविक उपाय अपनाएं।
सितंबर में थोड़ी सी तैयारी और नियमित देखभाल के साथ आपकी छत या बालकनी का छोटा सा किचन गार्डन आने वाले सर्दियों के महीनों में ताजी हरी सब्जियों से भर सकता है।