ऑटोमोबाइल जगत ने बजट को मांग बढ़ाने वाला, औद्योगिक गतिविधि को तेज करने वाला बताया

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नई दिल्ली। आॅटोमोबाइल जगत ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 की बजट का स्वागत करते हुए इसे ‘मांग को बढ़ाने वाला’ और ‘औद्योगिक गतिविधि’ को मजबूत करने वाला बताया है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा, “हम केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हैं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय के लक्ष्य को चालू वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का निर्णय आॅटोमोबाइल क्षेत्र सहित मांग सृजन और औद्योगिक गतिविधि को एक मजबूत गति प्रदान करेगा।”
चंद्रा ने कहा कि ‘पूर्वोदय राज्यों’ के लिए 4,000 ई-बसों का आवंटन सतत यातायात को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, “इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों के लिए बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले लिथियम-आयन सेल और उनके पुर्जों के लिए रियायती शुल्क लाभ को मार्च 2028 तक (दो और वर्षों) के लिए बढ़ाना देश में एक मजबूत ईवी इकोसिस्टम बनाने में सक्षम बनाएगा।”

फेडरेशन आॅफ आॅटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने भी इसका स्वागत करते हुए कहा, “हम लिथियम-आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामानों के लिए बुनियादी सीमा शुल्क छूट का विस्तार करने और इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इकोसिस्टम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं।”

विग्नेश्वर ने 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड की सराहना करते हुए कहा कि यह पूंजी तरलता बढ़ाकर व्यापारियों को लाभ पहुंचाएगा। रेनॉल्ट ग्रुप इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन डेबलेस ने कहा, “केंद्रीय बजट 2026-27 भारत के विनिर्माण-आधारित विकास के लिए मजबूत और आश्वस्त करने वाला संकेत देता है।” उन्होंने रेयर अर्थ मैग्नेट पर पहल और लिथियम-आयन बैट्री के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर निरंतर सीमा शुल्क छूट के माध्यम से महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम करने का लक्षित प्रयास को सराहनीय बताया।

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