ग्योंग के रविंद्र ने 695वें रैंक के साथ पास की यूपीएससी परीक्षा

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Gyeong's Ravindra sachkahoon

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के आशीर्वाद से मिली सफलता : रविन्द्र

  • मेहनत और लग्न से हर मुकाम हासिल करना आसान : उपायुक्त

सच कहॅू / वर्मा, कैथल। जिद्द, मेहनत और मन में कुछ कर गुजरने के जज्बे से सफलता हासिल की जा सकती है और इसी पथ पर चलते हुए गांव ग्योंग के रविंद्र ने यूपीएससी की परीक्षा में 695वां रैंक प्राप्त करके अपने गांव ही नहीं बल्कि जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

रविंद्र कुमार ने कहा कि प्रतिभा हर व्यक्ति में होती है, परंतु बिना गाइडेंस के लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाता है। मेरी सफलता के पीछे माता-पिता व परिजनों का हाथ है। मेरे भाई शिवकुमार जोकि ईटीओ के पद पर तैनात हैं, उन्होंने मुझे प्रेरित किया। मेरे मन में शुरू से ही आईएएस बनना था और इस बीच आने वाली सभी बाधाओं को पार करते हुए आखिर मुझे यह सफलता मिल ही गई। पढ़ाई में रूचि और माहौल भी अच्छा होना काफी आवश्यक है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के आशीर्वाद के चलते ही उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। क्योंकि वो दो बार पहले भी यह परीक्षा पास कर चुके हैं। मगर साक्षात्कार में दोनों ही बार में रह गए थे। मगर अब पूज्य गुरू जी की रहमत से उन्होंने न सिर्फ टैस्ट पास किया है बल्कि साक्षात्कार भी क्लीयर हो गया है।

ऐसे रहा रविन्द्र की सफलता का सफर

रविंद्र का कहना है कि उनके पिता मदन लाल शुगर मिल में वॉटर मैन के पद कार्यरत हैं, जोकि सीजनल ड्यूटी होती है। माँ कृष्णा देवी गृहणी हैं। घर में एक भाई और एक बहन हैं और घर की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं है। मैंने पहली से 9वीं कक्षा की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में की। इसके बाद नरड़ के प्राईवेट स्कूल में दसवीं तथा 11वीं व 12वीं कक्षा कैथल ओएसडीएवी स्कूल से पास की। पढ़ाई में मेरे परिवार ने पूरा सहयोग किया और इसके बाद एनआईटी कुरूक्षेत्र से बीटैक, पैक चंडीगढ़ से एम टैक की। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा प्राप्त करने के बाद 2017 में लोक निर्माण विभाग में जेई के पद पर कार्य किया। इसके बाद 2019 में मार्केटिंग बोर्ड में एक महीना एसडीओ के पद पर कार्य किया। गवर्नमेंट पोलटैक्निक चीका में इलैक्ट्रिक इंजीनियर लेक्चरार के रूप में कार्य किया।

नौकरी के साथ पढ़ाई रखी जारी

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई को भी जारी रखा और यूपीएससी का पेपर पास करने में लगा रहा। खाली समय मिलते ही उनके मन में पढ़ाई करने की इच्छा रहती थी और हमेशा अपने पास किताबें रखते और अखबारों, टीवी में न्यूज चैनलों तथा सामान्य ज्ञान जैसी पुस्तकों से ज्ञान प्राप्त करते रहते। खाली समय को बर्बाद नहीं होने दिया।

बाधाओं को सीढ़ी बनाकर पाई कामयाबी

उन्होंने बताया कि मैंने पहला पेपर 2018 में दिया, जिसमें इंटरव्यू पास नहीं कर पाया। इसके बाद फिर 2019 में प्रयास किया। प्री क्लीयर हो गया पर मेन्स परीक्षा में रह गया और 2020 में यूपीएससी का फिर से पेपर दिया, जिसमें 695 रैंक हासिल हुआ और मैंने अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल कर लिया। इन परीक्षाओं के दौरान मुझे कोरोना भी हुआ था तथा लिखित परीक्षा के दौरान अंगुली में सूजन भी आ गई थी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और परीक्षा दी। रविंद्र का कहना है कि समस्याएं आती रहती है, उन सभी समस्याओं से हमें लड़ऩा चाहिए और लक्ष्य निर्धारित करके जीत हासिल करनी चाहिए। शिक्षा प्राप्त करके हम सब कुछ हासिल कर सकते हैं। मैंने अपने गांव के बच्चों को भी काफी प्रेरित किया।

उपायुक्त प्रदीप दहिया ने रविंद्र को दी बधाई

उपायुक्त प्रदीप दहिया ने यूपीएससी की परीक्षा पास करने पर रविंद्र को बधाई दी। उपायुक्त ने कहा कि जिले के युवाओं को रविंद्र से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिनकी सफलता के बीच में काफी बाधाएं आई, लेकिन उन्होंने सफलता हासिल की। यदि व्यक्ति अपने मन में कुछ करने का संकल्प लें और उस रास्ते पर डटकर चले तो उसे जीत हासिल हो जाती है। युवाओं को अच्छे दोस्त बनाने चाहिए और गलत दिशा में जाने से बचना चाहिए। युवाओं को पढ़ाई में रूचि रखनी चाहिए और समय की अहमियत समझनी चाहिए।

लक्ष्य पर ध्यान रखेंगे तो कामयाबी जरूर मिलती है : लीलाराम

यूपीएससी की परीक्षा पास करने पर कैथल से विधायक लीला राम ने रविंद्र को शुभकामनाएं दी व युवाओं को रविंद्र से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को परिणाम की चिंता करने की बजाए नियमित अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए, जिससे वह निरंतर अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहे।

रविन्द्र से प्रेरणा लें युवा : विधायक

गुहला चीका से विधायक ईश्वर सिंह ने रविंद्र व परिजनों को फोन पर बधाई देते हुए कहा कि रविंद्र ने पूरे देश में जिले का नाम रोशन किया है। यह सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। एक ग्रामीण आंचल से निकलकर इस मंजिल तक पहुंचना बहुत कठिन रहा होगा, पर मेहनत करने वालों को कभी निराशा हाथ नहीं लगती। रविंद्र, उनके परिजनों व जिला वासियों को उनकी सफलता पर बहुत शुभकामनाएं।

चेयरमैन रणधीर गोलन ने दी बधाई

पर्यटन निगम के चेयरमैन व विधायक रणधीर गोलन ने भी रविंद्र रंगा को देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने पर बधाई दी व प्रशासनिक सेवाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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