राजनीतिक हिंसा व विद्यार्थी
राजनीति व शिक्षा के आपसी सम्बधों से इनकार नहीं लेकिन शिक्षा को राजनीतिक रंग देना देश के साथ सरासर खिलवाड़ है। बेहतर हो यदि राजनीतिक पार्टियां अपने हितों को साधने की बजाए जनता के हितों को संसद /विधान सभा या राजनीतिक सभाओं तक सीमित रखें।
सावधानी ही बड़ा हथियार
इस मामले में प्रत्येक भारतीय को सावधानी के साथ-साथ मानवता के प्रति संवेदनशीलता भी अपनानी चाहिए। जमीनी स्तर पर प्रबंधों की देखरेख के लिए अधिकारियों को जज्बे व जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता है।

























