मॉब लिचिंग पर राजनेताओं, मीडिया की क्या हो भूमिका
समस्या यह है कि मॉब लिंचिग कहीं बदलाखोरी का रूप न धारण कर जाए? यहां राजनीतिक पार्टियों को इस गंभीर मुद्दे पर संयम रखना होगा और भीड़ में हुई हत्याओं को सांप्रदायिक रंगत देने से बचा जाए। राजनीतिक लोगों से कहीं ज्यादा जिम्मेवारी मीडिया के लोगों पर भी है। मीडिया को अपनी कवरेज में साम्प्रदायिक पुट देने से बचना चाहिए।
बाघों की मृत्यु व लापरवाही
बाघ प्राकृति का श्रंगार हैं जिन्हें जीवित रखना आवश्यक है। नि:संदेह लॉकडाउन में व्यक्ति जीवन को प्राथमिकता दी जा रही है लेकिन पशु-पक्षी भी इस कुदरत का हिस्सा हैं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता।
प्रकृति से वैर पड़ रहा महंगा
विश्व के विकसित देश और समाज जहां प्रकृति के प्रति संवेदनहीन होकर मानव जनित वो तमाम सुविधाएं भोगते हुए स्वार्थी जीवन जी रहे हैं जो पर्यावरण के लिए घातक हैं। वहीं विकासशील देश भी विकसित बनने की होड़ में उसी रास्ते पर चल रहे हैं। यह भी स्पष्ट है कि आज विश्व समाज इनके प्रति बिलकुल गंभीर नहीं है जिसका खामियाजा प्राकृतिक आपदाओं के रूप में हमें भुगतना पड़ रहा है।
























