Lok Sabha Election Result 2024: भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलना… सुधार एजेंडे के लिए खतरे की घंटी : फिच

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Lok Sabha Election Result 2024: नई दिल्ली (एजेंसी)। आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कमजोर जनादेश मिलना भाजपा के महत्वाकांक्षी सुधार एजेंडे के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। यह रेटिंग एजेंसी फिच के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है। Fitch Ratings

जबकि भाजपा और उसके सहयोगी यानि एनडीए अगली सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। फिच रेटिंग्स ने जारी की अपनी एक रिपोर्ट में कहा, हालांकि, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए लगातार तीसरा कार्यकाल व्यापक नीति निरंतरता का समर्थन करेगा, क्योंकि आने वाली सरकार से बुनियादी ढांचे पर खर्च को प्राथमिकता देने और राजकोषीय समेकन और कारोबारी माहौल में सुधार जारी रखने की उम्मीद है।

एनडीए ने 2019 के चुनाव में 353 सीटें जीती थीं

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में, एनडीए ने 293 सीटें हासिल की, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन ने संसद के निचले सदन में 233 सीटें हासिल कीं। सरकार बनाने का दावा करने के लिए 543 लोकसभा सीटों में से 272 की आवश्यकता होती है। जबकि एनडीए के खाते में 293 सीटें हैं आवश्यकता से अधिक। तो ऐसे में सरकार तो एनडीए की ही बननी तय है। Fitch Ratings

वर्णनीय है कि एनडीए ने 2019 के चुनाव में 353 सीटें जीती थीं, जबकि मुख्य विपक्षी दल, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने केवल 91 सीटें हासिल की थीं।

ऐसे में फिच रेटिंग्स ने कहा, ‘‘2014 में सरकार में अपनी नवीनतम अवधि शुरू होने के बाद पहली बार भाजपा संसद के 543 सीटों वाले निचले सदन में एकल-पार्टी बहुमत से चूक गई, लेकिन हमें उम्मीद है कि वह एनडीए में सहयोगी दलों से सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन हासिल कर लेगी, जिसमें नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने रहेंगे।’’ ‘‘हमें नहीं लगता कि मतपेटी में सरकार की हार से नीतिगत समायोजन में कोई बड़ा बदलाव आएगा, लेकिन जुलाई में चुनाव के बाद के बजट से आने वाले पांच वर्षों में आर्थिक सुधार प्राथमिकताओं और राजकोषीय योजनाओं पर अधिक स्पष्टता मिलनी चाहिए।’’

कम बहुमत के बावजूद भारत की मध्यम अवधि की वृद्धि 2027-28 तक 6.2% रहेगी

वित्त वर्ष 2028 तक 6.2% फिच ने कहा कि उसे उम्मीद है कि एनडीए के कम बहुमत के बावजूद भारत की मध्यम अवधि की वृद्धि 2027-28 तक लगभग 6.2% रहेगी। सामान्य स्थिति में, अगला लोकसभा चुनाव पांच साल बाद, 2029 में होगा। फिच रेटिंग ने कहा, ‘‘बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए जारी सार्वजनिक पूंजीगत व्यय अभियान, चल रहे डिजिटलीकरण प्रयास और बैंक तथा कॉपोर्रेट बैलेंस शीट में सुधार – महामारी से पहले की स्थिति के सापेक्ष – निजी निवेश के लिए एक मजबूत दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।’’ Fitch Ratings

‘‘हमें यह भी उम्मीद है कि उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना बरकरार रहेगी, जो इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे लक्षित क्षेत्रों में एफडीआई को आकर्षित करने में मदद करेगी। हालांकि, निजी निवेश में अभी तक सार्थक रूप से तेजी नहीं आई है, जो दृष्टिकोण के लिए जोखिम का प्रतिनिधित्व करता है।’’ सबसे कम ग्रेड फिच ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को BBB- पर रेट किया है, जो S&P और मूडीज के समान सबसे कम संभव निवेश ग्रेड को इंगित करता है, जो भारत को क्रमश: BBB- और Baa3 पर रेट करते हैं। सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग सरकार की अपने ऋण को चुकाने की क्षमता को मापती है। उच्च रेटिंग सरकार की पुनर्भुगतान क्षमता में अधिक विश्वास को इंगित करती है और परिणामस्वरूप, उधार लेने की लागत कम होती है।

कमजोर राजकोषीय मीट्रिक भारत की सॉवरेन रेटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा

भारत ने कहा है कि महामारी के बाद से उसकी आर्थिक सेहत में काफी सुधार हुआ है और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने रेटिंग एजेंसी के अधिकारियों से मिलकर रेटिंग बढ़ाने पर जोर दिया है। हालांकि, फिच रेटिंग्स ने कहा कि ‘‘प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कमजोर राजकोषीय मीट्रिक भारत की सॉवरेन रेटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा है’’। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘अगले कुछ वर्षों में रेटिंग के लिए अगली सरकार की उच्च राजकोषीय घाटे को संबोधित करने और ऋण को कम करने की क्षमता महत्वपूर्ण विचारणीय बिंदु होंगे।’’ इसने कहा, ‘‘निरंतर घाटे में कमी, विशेष रूप से यदि टिकाऊ राजस्व-बढ़ाने वाले सुधारों द्वारा समर्थित है, तो मध्यम अवधि में भारत की सॉवरेन रेटिंग बुनियादी बातों के लिए सकारात्मक होगी।’’ Fitch Ratings

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