बुलेट ट्रेन परियोजना में होगी देरी, भूमि अधिग्रहण में बाधा से अटका काम

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नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे ने आज स्वीकार किया कि भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना बाधित हुई है और भूमि अधिग्रहण होने के बाद इसकी नयी समय सीमा तय की जाएगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनोद कुमार यादव ने आज यहां एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना पर काम शुरू करने के लिए मुख्य रूप से चार शर्तें होतीं हैं। मार्ग का एलाइनमेंट, डिजायन, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां और भूमि अधिग्रहण। परियोजना पर काम तभी शुरू होता है जब न्यूनतम 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो जाए।

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उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना में एलाइनमेंट और डिजायन तैयार है। वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकीं हैं, केवल भूमि अधिग्रहण का मामला है। पर्याप्त भूमि अधिग्रहण नहीं होने के कारण सारा काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समय तक कुल 1396 हेक्टेयर में से लगभग 885 हेक्टेयर यानी करीब 63.4 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है। सबसे अधिक गुजरात में 956 हेक्टेयर में 780 हेक्टेयर का अधिग्रहण हो चुका है, जो 82 प्रतिशत है।

महाराष्ट्र में कुल 431 हेक्टेयर में से केवल 98 हेक्टेयर यानी करीब 23 प्रतिशत ज़मीन ही अधिग्रहीत हुई है। दादरा नगर हवेली में कुल नौ हेक्टेयर में से सात हेक्टेयर अधिग्रहीत हुई है। अगले तीन माह में गुजरात में 95 से 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण होने की संभावना है। यादव ने कहा कि भूमि अधिग्रहण पूरा होने पर इस परियोजना की नयी समयसीमा निर्धारित की जाएगी। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि गुजरात में भूूमि अधिग्रहण पूरा होने पर परियोजना के एक चरण का काम शुरू कराया जा सकता है।

 

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