बुन्देलखंड के परम्परागत उद्योगों को बचाने के लिए सर्वे शुरू

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हमीरपुर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में बुन्देलखंड के परम्परागत उद्योगों को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिये सरकारी स्तर पर प्रयास के लिये सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे कार्य का दिल्ली की गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) डेवलेपमेंट आरनेटिव को जिम्मा दिया गया है। एनजीओ ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है और शासन को शीघ्र ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। एनजीअो की दो सदस्यीय टीम बुन्देलखंड के सात जिलों में जाकर उद्यमियों की निजी राय एवं उनके सामने आने वाली समस्याअों को दर्ज कर शासन के सामने रखेगे।

इस टीम ने यहां उद्योग महाप्रबंधक से मिलकर छोटे छोटे उद्योगों के बारे मे विस्तार से चर्चा की है। टीम हस्तशिल्प उद्योग को बढाने के लिये ज्यादा चिंतित दिखायी दे रही है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक सी पी पाठक ने बताया कि पिछले दिनों आगरा में अोद्यौगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कार्यशाला का असर दिखने लगा है। बुन्देलखंड के हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी, जालौन में उद्यमियों के साथ हुई बैठक में विकास के जो वादे किये गये थे। इसके लिये शासन ने सर्वे कार्य शुरु करवा दिया है।

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