सांबा में नशेड़ियों, ड्रग तस्करों की पहचान करने के लिए लगाए गए हैं फीडबैक बॉक्स

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सांबा जिला प्रशासन के निर्देश पर मादक पदार्थों के सेवन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सभी पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में नशाखोरों और तस्करों की पहचान करने के लिए फीडबैक बॉक्स स्थापित किये गये हैं। अधिकारियों ने सांबा की उपायुक्त अनुराधा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एनसीओआरडी बैठक में कहा, “प्रत्येक पंचायत, स्कूल और कॉलेजों में स्थापित फीडबैक बॉक्स का उपयोग नशीली दवाओं के दुरुपयोग करने वालों और तस्करों की पहचान करने के लिए किया जाना है।”

उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए हितधारक विभागों को पुख्ता उपाय करने का निर्देश दिया। इस दौरान यह भी बताया गया कि जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर नकेल कसने के लिए पीएसए के तहत 25 कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उपायुक्त ने अवैध अफीम और भांग की खेती को रोकने के लिए ठोस उपाय करने पर जोर देते हुए जिले में नशीले पदार्थों की लत, चिंतनीय क्षेत्रों, नशेड़ी के आयु वर्ग और नशीली दवाओं के तस्करों के हॉट स्पॉट से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।

इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों, विशेष रूप से सरकार द्वारा गठित एनसीओआरडी के सदस्यों को मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदमों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए थे। बैठक में अधिकारियों को जिलों के स्कूलों और कॉलेजों में बड़े पैमाने पर जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि वीडियो वृत्तचित्रों के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों और दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राकेश दुबे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरिंदर चौधरी, एसीआर, एसडीएम विजयपुर और घगवाल, बीएसएफ के कमांडेंट, तहसीलदार, एसएचओ, डिग्री कॉलेजों के प्रमुखों के अलावा एनसीओआरडी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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