Bangladesh: बांग्लादेश में हिन्दूओं के खिलाफ संगठित हिंसा से भारत चिंतित, ट्रम्प भी कर चुके कड़ी निंदा
चरमपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग
ढाका (एजेंसी)। बांग्लादेश के चटगांव में हिदू समुदाय पर संगठित हिंसा के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इनमें बांग्लादेशी पुलिस और सेना के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर हिदुओं के खिलाफ हिंसा के खौफनाक दृश्य वायरल हो रहे हैं। इस सख्त प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार ने बांग्लादेश सरकार से हिदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। Bangladesh News
वीरवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्टों के चलते ये हिंसा भड़की। उन्होंने बांग्लादेश में चरमपंथियों पर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए मांग की कि हिदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर चिंता जाहिर की है।
दरअसल चटगांव के हजारी गली इलाके में 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक विवादित टिप्पणी के बाद तनाव बढ़ गया। जमात-ए-इस्लामी के सदस्य उस्मान अली द्वारा हिदू धर्म और इस्कॉन पर अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट की गई, जिससे हिदू समुदाय में आक्रोश फैल गया। जब हिदू समुदाय ने इस टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया, तो पुलिस और सेना ने उन पर कार्रवाई की। इस दौरान कई हिदू लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 582 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।
तसलीमा नसरीन ने शेयर किया वीडियो
प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें पुलिस और सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाते और गोलियां चलाते देखा जा सकता है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुरक्षा बलों ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया, जिससे हिंसा के सबूत जुटाना मुश्किल हो गया।
हिदू नेताओं ने लगाए भेदभाव के आरोप
चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर र्इंट और एसिड फेंके, जिससे नौ अधिकारी घायल हो गए। लेकिन हिदू नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने भेदभावपूर्ण तरीके से हिदू समुदाय को निशाना बनाया और उनके घरों में भी तोड़फोड़ की, जबकि हिंसा में मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल थे। Bangladesh News
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