किसानों की सुविधा के लिए बीज के संबंध में रोडमैप बनाएं : तोमर

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नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Tomar) ने किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीजों की समय पर आपूर्ति के लिए केंद्र के साथ राज्य सरकारों को मिलकर दस-पंद्रह वर्षों का रोडमैप तैयार करने का अनुरोध किया है। देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘बीज श्रृंखला विकास’ पर श्री तोमर के मुख्य आतिथ्य में मंगलवार को राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि देश के किसानों की सुविधा के लिए केंद्र के साथ मिलकर राज्य सरकारें दस-पंद्रह वर्षों का खाका बनाएं।

यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीजों की समय पर आपूर्ति हो तथा कालाबाजारी और नकली बीज बेचने वालों पर राज्य सरकारें सख्ती से अंकुश लगाएं। उन्होंने कहा कि हम सभी बीज की महत्ता को जानते है। बीज अच्छा होगा तो भविष्य अच्छा होता है। फिर वह चाहे व्यक्ति की बात हो या खेती के लिए बीज की। खेती के लिए अच्छे बीज उपलब्ध होने से उत्पादन- उत्पादकता और किसानों की आमदनी में वृद्धि होती है, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान बढ़ता है और कृषि के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को ताकत मिलती है।

कृषि की ताकत देश की ताकत बनें, यह कोशिश केंद्र सरकार द्वारा की गई है और जो काम बाकी है, उन्हें सभी को मिल-जुलकर पूरे करना है। श्री तोमर ने कहा कि पूरी बीज श्रंखला व्यवस्थित होना चाहिए ताकि किसानों को कोई परेशानी नहीं आएं। साथ ही जिन फसलों के बीजों की जिन क्षेत्रों में कमी है, वहां उनके बीज उपलब्ध कराए जाना चाहिए ताकि उत्पादकता बढ़ाई जा सकें।

दलहन- तिलहन, कपास आदि फसलों के बीजों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए प्लानिंग करना चाहिए। सीड ट्रेसेब्लिटी (बीज का पता लगाने की क्षमता) के लिए भी राज्य सरकारों का सहयोग आवश्यक है, ताकि देशभर के किसानों में जागरूकता आए और आवश्यकतानुसार वे अपने खेत के लिए बीज के मामले में निष्कर्ष पर पहुंच सकें।

देश आत्मनिर्भर होगा तो हम अन्य देशों को भी बड़ी मात्रा में आपूर्ति कर सकेंगे

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री का भी जोर इस बात पर है कि खेती में उत्पादकता बढ़ें, साथ ही लागत कम होना चाहिए। किसानों को अच्छे बीज सस्ते में मिलें और निजी और सरकारी एजेंसियों के बीच भाव का अंतर पाटा जाएं, यह प्लानिंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर सभी को आत्म अवलोकन करने की जरूरत है।

बीजों के मामले में हमारा देश आत्मनिर्भर होगा तो हम अन्य देशों को भी बड़ी मात्रा में आपूर्ति कर सकेंगे। कृषि राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित बीजों की किस्मों को निचले स्तर तक किसानों को पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही राज्यों को जिला स्तर पर कृषि विभाग से जुड़े सभी पहलुओं पर योजनाबद्ध ढंग से काम करना चाहिए, ताकि किसानों को कोई परेशानी नहीं आएं।

वेबिनार में केंद्रीय कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि पंचायत स्तर पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रबंध किए जाना चाहिए, वहीं बीज के गुणवत्ता परीक्षण के लिए किसानों को भी जागरूक रहना चाहिए। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अभिलक्ष लिखी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राज्यों के कृषि विभागों के अधिकारी तथा केंद्र व राज्यों के बीज निगमों के प्रतिनिधि वर्चुअल जुड़े हुए थे।

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