Palestine : फिलिस्तीन पर भारत का नजरिया सही

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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इजराइल के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए फिलिस्तीन (Palestine) को एक स्वतंत्र देश बनाने का समर्थन किया है। फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र में स्वतंत्र देश के लिए आवेदन किया था, जिसे अमेरिका ने वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर रद्द कर दिया था। दूसरी तरफ भारत ने आतंकवाद पर अपने सिद्धांतों के साथ कोई समझौता नहीं किया। भारत सरकार ने हमास की कार्रवाईयों की कड़ी निंदा की और और बंधकों की जल्द से जल्द रिहाई की मांग की है।

भारत का यह रूख जहां इजरायल के युद्ध संबंधी अडियल रवैये का विरोध करता है, वहीं आतंकवाद के लिए भारतीय विचारधारा में कोई जगह नहीं। भले ही भारत सरकार के इस कूटनीतिक कदम के पीछे भारत और पश्चिम के बीच बढ़ रही दूरी है, लेकिन जिस तरह से इजराइली आॅपरेशन में आम फिलिस्तीनी मारे गए और हमास ने निर्दोष इजराइलियों पर अत्याचार किया उस संदर्भ में , भारत ने एक कड़ा फैसला लिया है जिसकी सराहना की जानी चाहिए। भारत एक मानववादी देश है जिसने युद्ध प्रभावित फिलिस्तीनी नागरिकों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है और इस सहायता को जारी रखने की घोषणा की है।

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