Punjab Weather Updates: तीन दिन और बढ़ेगा तापमान… जानिये कब होगी बरसात

Published On

Weather Updates: वक्त के साथ मौसम भी बदलता रहता है, परंतु इस बार प्रचंड गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार कुछ ज्यादा ही है। दरअसल इन दिनों गर्मी अपना (Punjab Weather Updates) असली रूप दिखा रही है। जेष्ठ माह के नौतपा के यह दिन अक्सर हर बार तपते हैं। पर इस बार ग्लोबल वार्मिंग की वजह से समय से पहले आई गर्मी ने लोगों को सता दिया है। भारत मौसम विभाग के मौसम बुलेटिन के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने वाली भी नहीं है। नौतपा के यह दिन भयंकर रूप से तपेंगे। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

22 मई तक दिन का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंचने का अनुमान जताया गया है। पर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव व अंडमान निकोबार द्वीप,दक्षिण अंडमहासागर और (Punjab Weather Updates) बंगाल की दक्षिण खाड़ी में मानसून प्रवेश करते ही उत्तर भारत में भी राहत मिल सकती है। हालांकि हर बार मध्य मई में अंडमान निकोबार में मानसून दस्तक दे देता है लेकिन इस बार मानसून 3 दिन देरी से पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। यही एक वजह है कि केरल में भी मानसून इस बात देरी से जून के प्रथम सप्ताह में पहुंचने की संभावना है।

23 मई को तेज़ हवा के साथ बारिश की संभावना | Punjab Weather Updates

इससे पहले उत्तर भारत में 23 मई को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की वजह से होने वाले परिवर्तन से तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। लेकिन इसके तुरंत बाद एक बार फिर एक पखवाड़े तक दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। ध्यान रहे कि भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत केरल से मानी जाती है। इसके बाद तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी कौंकण, कर्नाटक, मुंबई,गुजरात पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में पहुंचता है। भारत मौसम विभाग व चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के मौसम बुलेटिन का कहना है कि बेशक इस बार मानसून देरी से पहुंच रहा हो लेकिन देश में बारिश 96 फीसदी होने की उम्मीद है, जो सामान्य कहलाता है।

अलनीनो का भी दिखाई देगा प्रभाव | Heatwave

भारत मौसम विभाग के अनुसार इस बार अलनीनो का भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। अलनीनो की वजह से बारिश कम होती है। पर राहत की बात यह है कि इस बार अल्लीनों का प्रभाव मानसून के अंतिम पड़ाव में ही दिखाई दे सकता है, इसका खास असर नहीं माना जाता तब तक अधिकतर बारिश हो चुकी होती है। सीधे तौर पर कहा जाए तो इस बार देशभर में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।

About The Author

Related Posts