आतंक का पर्याय गौरी यादव पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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चित्रकूट। ददुआ और ठोकिया जैसे बड़े डकैतों के खिलाफ एक जमाने में पुलिस के मुखबिर के तौर पर माना जाने वाला आतंक का पर्याय दस्यु सरगना गौरी यादव को शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मार गिराया। चित्रकूट के जंगलों में एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के नेतृत्व में एक संक्षिप्त मुठभेड़ में मारे गये डकैत पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच लाख और मध्य प्रदेश सरकार ने 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। उस पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ददुआ और ठोकिया जैसे बड़े दस्यु सरगनाओं के खिलाफ एसटीएफ का मुखबिर रहने वाला डकैत आहिस्ता आहिस्ता जरायम की दुनिया का बड़ा अध्याय बन गया था जो दो प्रांतों की पुलिस के लिए मुसीबत बन बैठा था जिसको पिछले दो दशकों से यूपी और एमपी की पुलिस व एसटीएफ डकैत के खात्मे के लिए हर रोज़ जंगलों की खाक छानती थी, लेकिन शातिर डकैत हर बार बच निकलता था। गौरी का आतंक हर रोज़ बढ़ता जा रहा था। आज भाेर एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश व उनकी पूरी टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना से बहिलपुरवा के माधो जंगल मे घात लगाई और डकैत के साथ मुठभेड़ हो गई।

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि डकैत बहुत शातिर होने के चलते इसको पकड़ पाना थोड़ा मुश्किल था लेकिन घने जगंल में गैंग सर्द रात में आग जलाकर ताप रहा था जिसके धुंवे और लौ को उठता देख उसी आधार पर टीम आगे बढ़ी और डकैत के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमे गैंग सरगना गौरी यादव को एसटीएफ की टीम ने मार गिराया जबकि अन्य डकैत मौके से भाग निकलने में सफल साबित हुए। एडीजी ने बताया कि इस डकैत सरगना के ऊपर एक उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से लूट, हत्या, बलात्कार और रंगदारी जैसे 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल डकैत गोरी के मारे जाने के बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल व्याप्त है लोगों का कहना है कि इस बार दीपावली का जश्न दोगुने उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

 

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