भारत-अमेरिका सैन्य सहयोग को मजबूत करते हुए इसका दायरा बढ़ाएंगे

Published On

नयी दिल्ली। भारत और अमेरिका ने मंत्री स्तरीय टू प्लस टू वार्ता में सैन्य सहयोग मजबूत बनाने , इसका दायरा बढ़ाने , रक्षा क्षेत्र में सह उत्पादन करने, अधिक संयुक्त सैन्य अभयसों में हिस्सा लेने और हिंद प्रशांत क्षेत्र को मुक्त तथा समावेशी बनाने पर सहमति व्यक्त की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जय शंकर ने सोमवार देर रात वॉशिंगटन में अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ चौथी मंत्री स्तरीय टू प्लस टू वार्ता की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने वर्चुअल शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय तथा अंतरराष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। टू प्लस टू वार्ता के दौरान दोनों देशों ने अंतरिक्ष और साइबर स्पेस तथा भारत की बहरीन में हुए बहुपक्षीय संयुक्त अभ्यास में हिस्सेदारी पर भी बात की बात की।

बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा कुछ देशों द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने मुद्दे पर भी विचार विमर्श किया। बैठक में दोनों देशों के बीच सैन्य साजो सामान के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाए जाने तथा अमेरिकी कंपनियों को भारत में रक्षा तथा एयरोस्पेस कार्यक्रमों में मेक इन इंडिया योजना में भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया गया। सिंह ने कहा कि उन्होंने अमेरिका की कंपनियों से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के रक्षा गलियारों में साझेदारी करने के लिए भी कहा है। भारत और अमेरिका ने इस दौरान अंतरिक्ष से संबंधित एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। ऑस्टिन ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में अहम साझेदारी है और दोनों देश नए उभरते रक्षा क्षेत्रों में तथा अंतरिक्ष और साइबर स्पेस में भी सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच तीसरी टू प्लस टू वार्ता 2020 में हुई थी।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts