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Teqball in India: मुंबई की एक टेबल से शुरू हुआ टैकबॉल का सफर, अब देशभर में विस्तार की तैयारी
टैकबॉल में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जीतने वाले पहले भारतीय बने विनीत जैन
Teqball in India: मुंबई। भारत में टैकबॉल को पहचान दिलाने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की दिशा में मुंबई से शुरू हुई पहल अब एक संगठित प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता मॉडल का रूप ले चुकी है। वर्ष 2019 में पुणे में इस खेल से परिचित हुए खेल प्रतिनिधि विनीत जैन ने सच कहूँ प्रतिनिधि को बताया कि टैकबॉल से साथ उनके पहले अनुभव ने उनके खेल जीवन की दिशा बदल दी। उसी वर्ष वे भारत के पहले राष्ट्रीय पुरुष एकल चैंपियन बने और चीन में आयोजित एशिया पैसिफिक टैकबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जीतने वाले पहले भारतीय बने।
जैन ने टैकबॉल की तकनीक और प्रतिस्पर्धात्मक संभावनाओं को समझने के बाद इसके विकास के लिए काम शुरू किया। फरवरी 2021 में टैकबॉल इंडिया एसोसिएशन के सहयोग और मार्गदर्शन से मुंबई के अंधेरी में टैकबॉल मुंबई की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को खेलने का अवसर देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना था। शुरुआत में क्लब में केवल चार खिलाड़ी थे। प्रशिक्षण में गेंद नियंत्रण, मूवमेंट, तकनीक, मैच की समझ तथा शारीरिक और मानसिक तैयारी पर जोर दिया गया। जैन भारत के पहले प्रमाणित ऑन-ग्राउंड टैकबॉल कोच भी बने।
प्रतियोगिता से तैयार हो रहे खिलाड़ी
जैन का मानना रहा कि उच्च स्तर के खिलाड़ी केवल प्रशिक्षण से तैयार नहीं होते, बल्कि उन्हें नियमित प्रतियोगिता और दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव भी जरूरी है। इसी सोच के साथ मुंबई टैकबॉल लीग की शुरुआत हुई। पहले सत्र में करीब 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया। क्लब रिकॉर्ड के अनुसार लीग के सात सत्रों में अब तक 200 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं। दो माह के इस प्रारूप से खिलाड़ियों को लगातार मुकाबले खेलने, अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का अवसर मिलता है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के जरिए मुंबई चयन तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की ओर आगे बढ़ाया जाता है
वर्तमान में टैकबॉल मुंबई में पांच कोच और करीब 25-30 सक्रिय खिलाड़ी हैं। इनमें सब-जूनियर, यूथ और सीनियर वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं। खिलाड़ी सामान्यतः सप्ताह में तीन से चार दिन प्रशिक्षण लेते हैं। ग्लेन विलियम्स, लिबिन वालियाविला और शिजा खान सहित प्रशिक्षक खिलाड़ियों के विकास में योगदान दे रहे हैं, जबकि जैन सीनियर टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं।
विश्व चैंपियनशिप में मिला ऐतिहासिक पदक
टैकबॉल मुंबई से जुड़े खिलाड़ियों की उपलब्धियों में 2024 वर्ल्ड टैकबॉल चैंपियनशिप का प्रदर्शन अहम रहा। क्विम्सी डी'सूजा, अनस बेग और डेकलन गोंसाल्वेस जैसे खिलाड़ियों ने क्लब से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। बेग ने जैन के साथ 2021 बीच नेशनल्स में पुरुष युगल का राष्ट्रीय स्वर्ण जीता। इसके बाद बेग और गोंसाल्वेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई।
विनीत जैन ने सच कहूँ प्रतिनिधि को बताया कि 2024 में हो ची मिन्ह सिटी में आयोजित वर्ल्ड टैकबॉल चैंपियनशिप में गोंसाल्वेस और बेग ने रोमानिया को राउंड ऑफ 16 में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारत ने पुरुष युगल में अपना पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक हासिल किया। उपलब्ध सामग्री के अनुसार यह ऐतिहासिक कांस्य पदक टैकबॉल में भारत की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
खिलाड़ी तैयार करने के साथ कोचिंग पर भी जोर
टैकबॉल मुंबई की पहल का एक अन्य पहलू खिलाड़ियों को भविष्य के कोच के रूप में विकसित करना है। शिजा खान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बाद अब प्रमाणित कोच के रूप में योगदान दे रही हैं। देव पंचाल और प्रथम केडिया जैसे युवा खिलाड़ी भी भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे हैं। अथर्व सकपाल ने 2025 में टैकबॉल शुरू करने के बाद नासिक में राष्ट्रीय पुरुष एकल स्वर्ण जीता और 2025 एशियन यूथ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
पिछले पांच वर्षों में टैकबॉल मुंबई ने स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम, प्रदर्शन, कार्यशालाएं और कोचिंग वर्कशॉप आयोजित की हैं। क्लब के अनुसार इन गतिविधियों के माध्यम से 1,000 से अधिक लोगों को टैकबॉल से परिचित कराया गया, जबकि सोशल मीडिया के जरिए करीब पांच वर्षों में 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनी।
देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचाने का लक्ष्य
विनीत जैन ने सच कहूँ प्रतिनिधि को बताया कि अब उनका लक्ष्य टैकबॉल को मुंबई तक सीमित रखने के बजाय देश के प्रमुख शहरों और राज्यों तक पहुंचाना है। इसके लिए जमीनी स्तर से खिलाड़ियों की पहचान, व्यवस्थित कोचिंग और प्रतियोगिताओं के जरिए उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने पर जोर रहेगा।
जैन के अनुसार, उनका व्यक्तिगत लक्ष्य उस दिन पूरा होगा जब भारत टैकबॉल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते और उसमें टैकबॉल मुंबई से तैयार खिलाड़ियों एवं कोचों की महत्वपूर्ण भूमिका हो। 2019 में एक नए खेल से परिचय से शुरू हुआ यह सफर अब भारत में टैकबॉल के लिए एक व्यापक खिलाड़ी विकास प्रणाली तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।