Haryana New District: हांसी के बाद अब ये क्षेत्र बनेगा 24वां जिला! विधानसभा से आई जानकारी! जल्द पढ़ें
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Haryana New District: हरियाणा से बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। शीतकालीन सत्र में वीरवार को विधायक रामकुमार गौतम ने हांसी को जिला बनाने पर सीएम सैनी का धन्यवाद किया और उन्होंने विधानसभा में सीएम सैनी से बड़ी मांग रख दी है उन्होंने सफीदों को जिला बनाने की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि सीएम ने 4 जिला बनाने की घोषणा की हुई है इसी के तहत हांसी जिला बना है। हमारी सीएम से मांग है कि जल्द ही सफीदों को शहर बनाया जाए।
महिला एवं बाल विकास कार्यालय की लापरवाही, आरटीएस आयोग ने लगाया जुमार्ना
हरियाणा सेवा का अधिकार (आरटीएस) आयोग ने नूंह जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय की गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सहायक पर 15 हजार रुपये का जुमार्ना लगाया है तथा शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिये हैं। यह कार्रवाई आरटीएस समय-सीमा के उल्लंघन को लेकर की गयी है।
आयोग के समक्ष नूंह निवासी एक शिकायतकर्ता ने आवेदन दिया था, जिसमें बताया गया कि उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की एक योजना के तहत समय पर आवेदन किया था, लेकिन निर्धारित आरटीएस अवधि के बावजूद उन्हें योजना का लाभ काफी देरी से मिला। जांच में सामने आया कि योजना का लाभ छह माह से अधिक की देरी से प्रदान किया गया, जो हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है। Haryana New District
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता का आवेदन 25 जुलाई 2024 को सरल पोर्टल पर जमा किया गया था, लेकिन आवश्यक यूनिक कोड समय पर न बनने के कारण लाभ का भुगतान 16 अप्रैल 2025 को किया जा सका। डीपीओ, नूंह द्वारा बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद डब्ल्यूसीडीपीओ, नूंह-2 कार्यालय से यूनिक कोड समय पर जारी नहीं किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने सहायक की भूमिका को देरी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पाया। आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि सुनवाई के दिन सहायक का आचरण उनके आधिकारिक कर्तव्यों के प्रति लापरवाही को दशार्ता है। आरटीएस कमीशन ने हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1) (ह) के तहत संबंधित सहायक पर 15 हजार रुपये का जुमार्ना लगाया है और शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिये हैं। कुल 20 हजार रुपये की राशि सहायक के वेतन से वसूली जाएगी, जिसमें से 15 हजार रुपये राज्य कोष में जमा होंगे, जबकि पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को दिये जाएंगे।
आयोग ने डीपीओ, नूंह को आदेशों के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट दस्तावेजी प्रमाण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही, संबंधित अवधि में डब्ल्यूसीडीपीओ के प्रभार की स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि दिव्यांग कोटे के तहत नियुक्त होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाये। अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। Haryana New District
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