रसोई गैस व बिजली के रेट बढ़ने बाद अब रोजमर्रा की वस्तुओं के रेट बढ़े
चीनी के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
नारायणगढ़ (सच कहूँ/सुरजीत कुराली)। बीते कुछ दिनों में चीनी के बढेÞ दामों से आमजन खफा हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि चीनी के बढ़ते दामों को वापस लिया जाए। क्षेत्रवासी सोमनाथ, सुखपाल सिंह, कमलेश, राजबाला, रीना, कुलदीप, सलिन्द्र, सदिक व रणधीर आदि का कहना है कि वे पहले ही बढ़ रही महंगाई से परेशान थे और अब अचानक चीनी के रेट बढ़ जाने से उनकी रसोई का बजट और धूमिल हो गया है। चीनी ही नहीं, गुड़ और शक्कर के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने जो चीनी पिछले माह 44 रुपये प्रति किलोग्राम से खरीदी थी, वही चीनी अब वे 65 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदने पर मजबूर हैं।
माकपा के जिला सचिव सतीश सेठी ने कहा कि सरकार ने पहले रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल व बिजली के रेट बढ़ाए और अब चीनी, गुड़, शक्कर जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ाना शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के बढ़े हुए दामों को तुरंत वापस ले। मिठाई विक्रेता रामकुमार इन्सां व जलेबी की फड़ी-रेहड़ी लगाने वाले तलविन्द्र सिंह, भूरा खान व मान सिंह आदि का कहना है कि उनका सारा कारोबार चीनी व गैस पर निर्भर है। वे जलेबी बेचकर बड़ी मुश्किल से अपना व अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। जो जलेबी वह 180 रुपये प्रति किलो बेच रहे थे, अब इस रेट में बेचने पर उन्हें कुछ नहीं बचेगा। मजबूरन उन्हें भी रेट बढ़ाना पड़ेगा।
क्या कहते हैं करियाणा दुकानदार
करियाणा की दुकान चलाने वाले विनोद कुमार, नीरज कुमार, राम कर्ण, मोहन लाल व धर्मवीर बख्तुआ का कहना है कि रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं जैसे दालें, घी, तेल, चावल आदि के रेट पहले ही आसमान छू रहे हैं और अब चीनी के बढ़े दामों ने उनका बजट धूमिल कर दिया है। जहां उन्हें पहले थोक में चीनी 44 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रही थी, वहीं अब वही चीनी उन्हें 64 रुपये में मिल रही है। चीनी के दाम और बढ़ाए जाने से उनके कारोबार पर भी असर पड़ेगा।
चीनी के दाम बढ़ने से गन्ने के अच्छे दाम मिलने के आसार
उधर चीनी के बढ़ रहे दामों से किसान खुश हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि चीनी के दाम बढ़ाए जाने से उनके गन्ने के दाम बढ़ना भी तय है। उन्हें पहले गन्ने का जो दाम मिल रहा था, वह काफी कम था। गन्ने की फसल को तैयार करने में दवाई, खाद, लेबर आदि का काफी खर्चा आ जाता है। इस खर्चे के हिसाब से उन्हें गन्ने का रेट काफी कम मिल रहा था, परंतु अब उन्हें उम्मीद है कि चीनी के बढ़ते दामों से उन्हें अपने गन्ने के अच्छे-खासे दाम मिलेंगे।
चीनी की जमाखोरी पर सख्ती
दो सप्ताह के अंदर-अंदर जैसे ही चीनी के दाम बढ़ने शुरू हुए, तो बहुत से करियाणा दुकानदारों ने चीनी का स्टॉक करना शुरू कर दिया। लेकिन अब सरकार ने हरियाणा में चीनी की जमाखोरी पर सख्ती करते हुए स्टॉक 30 दिन से ज्यादा रखने पर रोक लगा दी है। हरियाणा सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापारियों द्वारा स्टॉक मिलने की तारीख से 30 दिन से ज्यादा रखने पर पाबंदी लगा दी है।