Cash Crisis: बैंकों में नकदी का संकट गहराया, किसानों को बार-बार काटने पड़ रहे बैंकों के चक्कर

अधिकारियों ने की डिजिटल भुगतान की अपील

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Cash Crisis: ओढां, राजू। पिछले कुछ दिनों बैंकों में नकदी का संकट गहराता नजर आ रहा है। बैंक खातों में पैसा होने के बावजूद लोगों को जरूरत के समय कैश नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि कई बैंक शाखाओं के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को सीमित राशि देकर वापस भेजा जा रहा है। इससे आमजन, व्यापारी, किसान और विशेष रूप से पेंशन धारक वर्ग व किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे है।

नकदी के अभाव में किसानों का लेन देन बुरी तरह प्रभावित हो कर रह गया है। सरकार ने किसानों के खातों में फसल के पैसे तो डाल दिया लेकिन जब बैंकों में जाते हैं तो उन्हें नकदी नहीं मिल रही। हालांकि बैंकों में आॅनलाइन लेन-देन की सुविधाएं सुचारू रूप से चल रही हैं, लेकिन नकदी की उपलब्धता बेहद कम होने के कारण उपभोक्ताओं को कैश भुगतान नहीं हो पा रहा।

लोगों को सरकार द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांग पेंशन खातों में आने के बावजूद लाभार्थी समय पर नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं। बुजुर्ग सुबह से बैंक शाखाओं और ग्राहक सेवा केंद्रों के बाहर लाइन में लगे देखे जा सकते हैं, लेकिन कई बार कैश खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है।

बैंक में नकदी लेने पहुंचे जगदीश सहारण, सुनील कुमार व सतपाल आदि ने बताया कि उनके खातों में गेहूं के पैसे आए कई दिन हो गए लेकिन उन्हे नकदी निकलवाने के लिए बार-बार बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं लेकिन नकदी नहीं मिल ही। ऐसे में उनका लेनदेन प्रभावित होकर रह गया है। तो वहीं पैसे न मिलने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि नकदी की आपूर्ति सीमित होने के कारण समस्या आ रही है। जैसे कैश उपलब्ध होगा स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देने की अपील की है, लेकिन सभी लोग डिजिटल भुगतान कर पाने में असमर्थ है।

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